अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ सरगुजा संभाग के लिए हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक बार फिर प्रयास तेज हो गए हैं। पिछले 8 महीनों से दरिमा स्थित महामाया एयरपोर्ट पर उड़ान सेवाएं ठप पड़ी हैं, जिससे क्षेत्रवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अब अंबिकापुर को दिल्ली, वाराणसी और रांची जैसे प्रमुख शहरों से जोड़ने के लिए नई उड़ान सेवाओं का प्रस्ताव तैयार किया गया है। क्षेत्रीय विमानन कंपनी द्वारा उड़ान सेवा बंद किए जाने के बाद एयरपोर्ट लगभग वीरान हो गया है। हालांकि स्टार हब एयरलाइंस ने फ्लाई बिग के रूट पर उड़ान शुरू करने की जिम्मेदारी ली है, लेकिन लाइसेंसिंग प्रक्रिया पूरी न होने से अब तक सेवा शुरू नहीं हो सकी है। इससे हवाई सेवा को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
पहले भी शुरू हुई थी उड़ान सेवा:
राज्य सरकार ने 19 दिसंबर को इसे बड़ी उपलब्धि बताते हुए अंबिकापुर से बिलासपुर और रायपुर के लिए हवाई सेवा शुरू करवाई थी। फ्लाई बिग एयरलाइंस ने इन रूट्स पर संचालन किया। शुरुआत में यात्रियों का उत्साह देखने लायक था, लेकिन अनियमित संचालन, बिना सूचना फ्लाइट रद्द होना और शाम के समय सीमित उड़ानों के कारण लोगों का भरोसा धीरे-धीरे टूटता चला गया।
किसी तरह उड़ानें चलती रहीं:
मई 2025 तक सरकारी सब्सिडी के सहारे किसी तरह उड़ानें चलती रहीं, लेकिन जून में खराब मौसम और दृश्यता कम होने का हवाला देकर सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी गईं। ये रूट्स हैं प्रस्तावित अब अधिकारियों ने एलायंस एयर को नए रूट्स पर उड़ान संचालन का प्रस्ताव भेजा है। प्रस्तावित मार्गों में अंबिकापुर – जगदलपुर – दिल्ली, अंबिकापुर – बिलासपुर – दिल्ली, दिल्ली – वाराणसी – रायपुर, वाराणसी – अंबिकापुर – रायपुर, रांची – अंबिकापुर – रायपुर शामिल हैं, इनमें से किसी भी तीन रूट पर फ्लाइट शुरू करने की संभावना जताई गई है।
क्षेत्रवासियों को मिलेगा बड़ा फायदा:
हर दिन बड़ी संख्या में सरगुजा संभाग के लोग दिल्ली, वाराणसी, रांची और रायपुर की यात्रा करते हैं। यदि दरिमा एयरपोर्ट से इन शहरों के लिए सीधी या कनेक्टिंग फ्लाइट शुरू होती है, तो न सिर्फ यात्रा का समय कम होगा बल्कि व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी आसान हो जाएगी। साथ ही विमानन कंपनी के लिए भी यह रूट आर्थिक रूप से लाभकारी साबित हो सकता है। अब देखना होगा कि प्रस्ताव पर कब तक अंतिम फैसला होता है और अंबिकापुर के आसमान में फिर से विमान कब उड़ान भरते हैं।