कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में स्कूल शिक्षा विभाग ने युक्तियुक्तकरण अभियान के तहत अब तक की सबसे बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। पदस्थापना आदेश जारी होने के बावजूद कार्यभार ग्रहण नहीं करने पर 34 एलबी शिक्षक और 1 प्रधानपाठक एलबी को निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।दरअसल, स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार जिले में अतिशेष शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए 28 अगस्त 2025 को जिलास्तरीय काउंसलिंग आयोजित की गई थी। इसके पश्चात जून 2025 में स्थानांतरण एवं पदस्थापना आदेश जारी किए गए थे। हालांकि, कई एलबी शिक्षकों ने इन आदेशों के विरुद्ध न्यायालय का रुख किया था।
कोर्ट से नहीं मिली राहत:
न्यायालय में सुनवाई के दौरान शिक्षकों द्वारा प्रस्तुत तर्कों को अमान्य कर दिया गया। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा संबंधित शिक्षकों को बार-बार नोटिस जारी कर पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए, लेकिन इसके बावजूद आदेशों की लगातार अवहेलना की गई। इस गंभीर अनुशासनहीनता को देखते हुए उच्च अधिकारियों के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी रमेश निषाद ने सभी संबंधित शिक्षकों और एक प्रधानपाठक को निलंबित करने का आदेश जारी किया। निलंबन अवधि के दौरान सभी को अलग-अलग मुख्यालयों में संलग्न किया गया है।
विकासखंडवार निलंबित शिक्षकों की सूची:
निलंबित शिक्षकों की सूची में भानुप्रतापपुर (05 शिक्षक) शोभा तिवारी, संतोषी ठाकुर, उत्तरा ठाकुर, नीलम नायक, चम्पा ठाकुर। दुर्गुकोंदल (03 शिक्षक) आरती रावटे, हेमकुमारी पुरामें, राकेश कुमार रावटे। चारामा (05 शिक्षक) शारदा ध्रुव, प्रियंका कश्यप, मेघा कुंजाम, जितेंद्र कुमार अवस्थी, धर्मेंद्र कुमार मंडावी। चारामा विकासखंड (18 शिक्षक) तिजेश्वरी यादव, इंद्राणी कटेंद्र, श्रीदेवी नाग, महेश्वरी यादव, श्यामा नरेटी, संतोषी दरों, गौकरण कोड़ोपी, द्वारिका कुमेटी, रीना देवी उके, हेमंत कुमार सोम, वेदप्रकाश ठाकुर, नीलम कुमार औंधिया, खूबचंद महिलकर, खिलेश कुमार सिन्हा, ममता सेवता, किरण कोर्राम, युवराज गावड़े सहित अन्य संबंधित शिक्षक शामिल हैं।
शिक्षा विभाग का सख्त संदेश:
इस कार्रवाई को शिक्षा विभाग द्वारा अनुशासन और प्रशासनिक आदेशों की सख्ती से पालना सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का स्पष्ट संदेश है कि युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही या आदेशों की अवहेलना बर्दाश्त नहीं की जाएगी।