MLA Yumnam Khemchand : मणिपुर बीते लंबे समय से हिंसा और तनाव से गुजर रहा है, लेकिन राज्य के हालातों मेंं अब सुधार आने की संभावनाएं प्रबल होती दिखाई देनेलगी है, क्योंकि अब राज्य को नया नेतृत्व मिलने जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी विधायक दल की बैठक के बाद सिंगजामेई से विधायक युमनाम खेमचंद सिंह को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुन लिया गया है। इसके साथ ही उनका मुख्यमंत्री बनना तय माना जा रहा है।
कौन है युमनाम खेमचंद?
युमनाम खेमचंद सिंह मणिपुर की राजनीति का जाना-पहचाना नाम हैं। वे कई बार विधायक रह चुके हैं और इससे पहले मणिपुर विधानसभा के अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं। संगठन और सदन दोनों स्तरों पर उनका अनुभव भाजपा के लिए मौजूदा हालात में अहम माना जा रहा है।
अभी मिलती है इतनी सैलरी
विधायक दल की बैठक में दल का नेता चुने जाने से पहले विधायक खेमचंद को बेसिक सैलरी, निर्वाचन क्षेत्र भत्ता, सचिवालय भत्ता और अन्य सुविधाओं को मिलाकर करीब ढाई लाख रुपये प्रतिमाह मिलता है। इसमें टेलीफोन, मनोरंजन और अन्य भत्ते भी शामिल रहते हैं।
सीएम बनने के बाद घटेगी नगद सैलरी
दिलचस्प बात यह है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद नकद सैलरी बढ़ने की बजाय कम हो जाती है। नियमों के अनुसार मणिपुर के मुख्यमंत्री को भत्तों सहित लगभग 1.20 लाख से 1.50 लाख रुपये प्रतिमाह मिलते हैं। हालांकि सुविधाओं के मामले में यह पद कहीं अधिक प्रभावशाली है।
सैलरी नहीं, सुविधाएं असली ताकत
मुख्यमंत्री को सरकारी आवास, कार्यालय, जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा, सरकारी वाहन, स्टाफ, असीमित चिकित्सा सुविधाएं और आधिकारिक यात्राओं के लिए विशेष प्रबंध मिलते हैं। लेकिन सबसे बड़ा बदलाव आर्थिक नहीं बल्कि राजनीतिक और प्रशासनिक होता है। मुख्यमंत्री के रूप में युमनाम खेमचंद सिंह के हाथों में राज्य की पूरी कमान होगी। अब सबकी नजर इस बात पर है कि वे मणिपुर में शांति बहाली, प्रशासनिक सुधार और भरोसे की राजनीति को किस तरह आगे बढ़ाते हैं।