पश्चिम बंगाल में विधानसभा उपचुनाव से पहले राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है। रेजीनगर सीट से ममता बनर्जी खेमे के उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी ने शनिवार को पहले चुनाव से हटने और नामांकन वापस लेने का ऐलान किया, लेकिन कुछ ही घंटों बाद उन्होंने अपना फैसला बदल दिया। बातचीत के बाद रबीउल ने उपचुनाव लड़ने की घोषणा की।
रबीउल ने क्यों लिया था नामांकन वापस लेने का फैसला?
रबीउल आलम ने नामांकन वापस लेने के पीछे पार्टी कार्यकर्ताओं से जुड़ी मुश्किलों, नए चुनाव चिह्न के साथ प्रचार में आने वाली परेशानियों और प्रशासनिक दबाव का हवाला दिया था। उनके मुताबिक मौजूदा परिस्थितियों में कार्यकर्ताओं को चुनाव मैदान में सक्रिय करना मुश्किल हो रहा था।
रेजीनगर उपचुनाव के लिए नामांकन वापसी की आखिरी तारीख 19 सितंबर थी। शुरुआत में रबीउल के पीछे हटने से ममता बनर्जी खेमे के सामने इस सीट पर भी उम्मीदवार को लेकर स्थिति बदल गई थी।
बातचीत के बाद बदला फैसला
नामांकन वापसी के ऐलान के बाद रबीउल आलम ने ममता बनर्जी खेमे के नेताओं से बातचीत की। इसके बाद उन्होंने अपना फैसला वापस लेते हुए कहा कि वह रेजीनगर उपचुनाव में उम्मीदवार के तौर पर मैदान में रहेंगे। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक सुरक्षा और चुनावी तैयारियों को लेकर बातचीत के बाद यह फैसला बदला गया।
नंदीग्राम में भी बदला था चुनावी समीकरण
रेजीनगर का घटनाक्रम नंदीग्राम में हुए बदलाव के एक दिन बाद सामने आया। नंदीग्राम उपचुनाव में ममता बनर्जी खेमे की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया था। इसके बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने की घोषणा की थी।
इसके कुछ ही समय बाद मिलन प्रधान को 2007 के नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण आंदोलन से जुड़े पुराने हत्या मामले में गिरफ्तार किए जाने की खबर सामने आई। कांग्रेस ने गिरफ्तारी के समय और कार्रवाई पर सवाल उठाए, जबकि मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर अलग-अलग राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
6 अक्टूबर को होना है उपचुनाव
नंदीग्राम और रेजीनगर दोनों विधानसभा सीटों पर उपचुनाव 6 अक्टूबर 2026 को होना प्रस्तावित है। नामांकन वापसी की समयसीमा के अंतिम दिन रेजीनगर में रबीउल आलम के फैसले में बदलाव से एक बार फिर इस सीट का चुनावी घटनाक्रम चर्चा में आ गया है।
फिलहाल रबीउल आलम के यू-टर्न के बाद रेजीनगर में मुकाबले की तस्वीर पहले की तुलना में अलग हो गई है। आने वाले दिनों में उम्मीदवारों और चुनाव प्रचार को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।