उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में बुधवार, 11 फरवरी को प्रदेश की योगी सरकार ने अपना अहम बजट पेश किया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सदन में 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक का विशाल बजट प्रस्तुत किया, जिसे अब तक के सबसे बड़े बजटों में से एक माना जा रहा है। इस बजट में विकास, बुनियादी ढांचा, महिला सशक्तिकरण और तकनीकी प्रगति पर विशेष जोर दिया गया है।
बेटियों की शादी के लिए सहायता दोगुनी
सरकार ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत दी जाने वाली सहायता राशि को 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये करने की घोषणा की है। इसे ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी राहत और महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
43 हजार करोड़ की नई योजनाएं
बजट में 43 हजार करोड़ रुपये की नई योजनाओं का प्रावधान किया गया है। ये योजनाएं मुख्य रूप से बुनियादी ढांचे के विकास और रोजगार सृजन पर केंद्रित होंगी, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति मिलने की उम्मीद है।
प्रति व्यक्ति आय और निवेश में वृद्धि
वित्त मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। गेहूं और आलू उत्पादन में प्रदेश देश में पहले स्थान पर है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में निवेश तेजी से बढ़ रहा है और करीब 6 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए हैं।
AI हब और डाटा सेंटर की स्थापना
तकनीकी विकास को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने एआई हब के लिए 225 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। साथ ही राज्य में आधुनिक डाटा सेंटर स्थापित करने की योजना भी घोषित की गई है। इस बार का बजट पिछले वर्ष की तुलना में 12.9 प्रतिशत अधिक है।
ऊर्जा और सड़क परियोजनाओं पर फोकस
ऊर्जा क्षेत्र में 2815 मेगावॉट सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करने की योजना है। वहीं, फ्लाईओवर निर्माण के लिए 1500 करोड़ रुपये और सड़क परियोजनाओं के लिए 34 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
कुल मिलाकर, योगी सरकार का यह बजट विकास, निवेश और बुनियादी ढांचे को मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।