जावेद खान, ग्वालियर: भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण TRAI के ताजा आंकड़ों ने टेलीकॉम इंडस्ट्री की एक बेहद चौंकाने वाली और कड़वी हकीकत बयां की है। देश में जहां एक तरफ मोबाइल उपभोक्ताओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है, वहीं सरकारी टेलीकॉम कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड BSNL को तगड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रयासों के बावजूद, निजी कंपनियों के फास्ट 5G नेटवर्क और लुभावने ऑफर्स के सामने BSNL पिछड़ता नजर आ रहा है।
BSNL से टूटे हजारों यूजर
हाल में जारी किए गए आंकड़ों ने महाराज सिंधिया के प्रयासों को तगड़ा झटका दिया है। ट्राई द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ सर्किल में BSNL के ग्राफ में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। अप्रैल 2026 में मध्य प्रदेश में BSNL के पास कुल 51,40,116 उपभोक्ता थे। जो मई 2026 में यह आंकड़ा घटकर 51,32,545 यूजर पर आ गया। यानी महज एक महीने के अंदर ही 7 हजार 500 से अधिक उपभोक्ताओं ने BSNL का साथ छोड़ दिया और दूसरी कंपनियों का रुख कर लिया।
MP में मोबाइल यूजर्स 8.64 करोड़ पार
एक तरफ जहां सरकारी कंपनी अपने ग्राहक खो रही है, वहीं प्रदेश में कुल मोबाइल कनेक्टिविटी का बाजार तेजी से बड़ा हो रहा है। पिछले एक महीने में मध्य प्रदेश में 4.02 लाख नए मोबाइल कनेक्शन जुड़े हैं, जिसके बाद सूबे में कुल मोबाइल उपभोक्ताओं की संख्या 8.64 करोड़ के पार पहुंच गई है। यह साफ दर्शाता है कि नए उपभोक्ता निजी टेलीकॉम कंपनियों को ज्यादा तरजीह दे रहे हैं।
BSNL का संघर्ष
बाजार के जानकारों का कहना है कि निजी कंपनियां देश भर में अपने 5G नेटवर्क का जाल बिछा चुकी हैं और उपभोक्ताओं को सुपर फास्ट इंटरनेट की सुविधाएं दे रही हैं। दूसरी ओर, BSNL अब भी कई ग्रामीण और शहरी इलाकों में अपने 4G नेटवर्क को पूरी तरह स्थापित करने के लिए संघर्ष कर रहा है। उपभोक्ता लगातार खराब नेटवर्क कवरेज, कॉल ड्रॉप और बेहद धीमी डेटा स्पीड की शिकायतें कर रहे हैं। इसी से तंग आकर यूजर्स अब मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी का रास्ता चुन रहे हैं, जो सरकारी टेलीकॉम कंपनी के लिए एक बड़ा चिंता का विषय बन गया है।
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