गरियाबंद जिले के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व अंतर्गत दक्षिण उदंती वन परिक्षेत्र में वन विभाग ने अवैध वन तस्करी और वन्यजीव शिकार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। विभागीय टीम ने ग्राम साहेबिनकछार में छापेमारी कर भारी मात्रा में प्रतिबंधित लकड़ी, वन्यजीवों के शिकार में उपयोग होने वाले उपकरण और अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त की। मामले में छह लोगों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और वन अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
13 स्थानों पर हुई तलाशी, बड़ी मात्रा में लकड़ी जब्त
वन विभाग को अवैध गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद टीम ने गांव में 13 संदिग्ध व्यक्तियों के घरों और परिसरों की तलाशी ली। जांच के दौरान छह आरोपियों के कब्जे से सागौन, साल और बीजा प्रजाति की अवैध लकड़ी के लट्ठे, स्लीपर और पल्ले बरामद किए गए। इसके अलावा लकड़ी काटने में इस्तेमाल होने वाले आरा, बसुला, रंदा समेत कई औजार भी जब्त किए गए।
वन्यजीव शिकार के उपकरण भी मिले
तलाशी के दौरान वन्यजीवों के शिकार में इस्तेमाल किए जाने वाले फंदे, तीर-धनुष, गुलेल और अन्य खतरनाक उपकरण भी बरामद हुए। वन विभाग ने इसे वन्यजीव संरक्षण कानून का गंभीर उल्लंघन मानते हुए संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।
छह आरोपियों को भेजा गया जेल
कार्रवाई के दौरान सुमेर गोंड़, जुवराज गोंड़, उपेंद्र गोंड़, हरि नेताम, पुस्तम नेताम और चिमन नागेश को आरोपी बनाया गया। इनमें से सुमेर, जुवराज और उपेंद्र को पहले गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। बाद में हरि नेताम, पुस्तम नेताम और चिमन नागेश को भी गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जिसके बाद उनके खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की गई।
वन विभाग की कार्रवाई जारी
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि टाइगर रिजर्व क्षेत्र में अवैध लकड़ी कटाई, वन्यजीव शिकार और तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। विभाग ने चेतावनी दी है कि जंगल और वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।