न्यूयार्क: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जब मंगलवार, 23 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र में भाषण देने पहुंचे थे उनके साथ तीन ऐसी चीज हुई थी जिसे उन्होंने ट्रिपल साजिश करार दिया है- वो जिस एस्केलेटर (खुद चलने वाली सीढ़ी) पर थे वो अचानक रुक गया, भाषण के बीच उनका टेलीप्रॉम्प्टर खराब हो गया और साथ ही साउंड सिस्टम में भी खराबी आई। अब ट्रंप इसे साजिश करार देते हुए जांच की मांग पर अड़ गए हैं। सोशल मीडिया पर एक लंबा पोस्ट डालकर ट्रंप ने अपनी नाराजगी दिखाई है। उन्होंने दुर्घटनाओं की श्रृंखला को 'बहुत भयावह' बताया है, लोगों की गिरफ्तार करने की मांग की है और कहा कि खुफिया एजेंसी भी जांच कर रही है। महासचिव को पत्र लिखकर जांच कराने कहा है, जिसके तहत यूएन एस्केलेटर कांड की जांच अमेरिकी एजेंसी करेगी।
खुद ट्रंप के स्टाफ मेंबर दोषी:
हालांकि दूसरी तरफ संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि मंगलवार को न्यूयॉर्क में उसके मुख्यालय में ट्रंप से जुड़ीं जो घटनाएं हुई। वे आकस्मिक थीं कोई साजिश नहीं। उन घटनाओं के लिए आंशिक रूप से व्हाइट हाउस के कर्मचारियों को ही जिम्मेदार ठहराया गया है। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि ट्रंप के ही एक वीडियोग्राफर ने एस्केलेटर पर 'अनजाने में सेफ्टी फंक्शन शुरू (ट्रिगर) कर दिया होगा। उन्होंने कहा कि टेलीप्रॉम्प्टर के बारे में, हमारे पास कोई टिप्पणी नहीं है क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए टेलीप्रॉम्प्टर व्हाइट हाउस ही ऑपरेट करता है।
यह कोई संयोग नहीं था:
ट्रंप ने अपने टूथ सोशल प्लेटफॉर्म पर कहा, 'यह कोई संयोग नहीं था, यह संयुक्त राष्ट्र में तिहरा सैबोटाज (जानबुझ कर खराबी लाना) था. उन्हें खुद पर शर्म आनी चाहिए मैं इस लेटर की एक कॉपी यूरन महासचिव को भेज रहा हूं, और मैं तत्काल जांच की मांग करता हूं। इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि संयुक्त राष्ट्र वह काम करने में सक्षम नहीं है जिसके लिए उसे बनाया गया था। ट्रंप ने आगे कहा कि एस्केलेटर के रुकने से एक 'वास्तविक आपदा' हो सकता था। उन्होंने कहा, 'यह आश्चर्यजनक है कि मेलानिया और मैं इन स्टील सीढ़ियों के तेज किनारों पर चेहरे के बल नहीं गिरे।
क्या हुआ था ट्रंप के साथ:
वीडियो फुटेज में दिखा था कि जब 79 साल के राष्ट्रपति और उनकी पत्नी (फर्स्ट लेडी) मेलानिया ट्रंप मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में एस्केलेटर पर चढ़ रहे थे, अचानक एस्केलेटर बंद हो गया। उन्हें खुद से सीढ़ी चढ़ने के लिए मजबूर होना पड़ा। फिर, जैसे ही उन्होंने अपना भाषण शुरू किया, उनका टेलीप्रॉम्प्टर काम नहीं कर रहा था। इसके बाद संयुक्त राष्ट्र सभागार में साउंड सिस्टम भी 'पूरी तरह से बंद था।