Suryakumar yadav Donated match fees: कप्तान सूर्यकुमार यादव ने टीम इंडिया को एशिया कप 2025 का खिताब दिलाने के बाद एक बार फिर सबका दिल जीत लिया है, दरअसल उन्होंने इस पूरे टूर्नामेंट की मैच फीस पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ित परिवारों और भारतीय सेना को दान करने का ऐलान किया है। सूर्यकुमार ने एशिया कप फाइनल जीतने के बाद अपने सोशल मीडिया पर ट्विट किया कि, 'मैंने तय किया है कि मैं भारतीय सेना और पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ित परिवारों को इस टूर्नामेंट की अपनी मैच फीस दान करूंगा। आप हमेशा दुआओं और मेरी सोच में रहेंगे।'
सेना को दान करेंगे मैच फीस:
इससे पहले भी पाकिस्तान पर भारत की पहली जीत के बाद सूर्यकुमार ने कहा था कि यह जीत शहीदों के परिवारों और भारतीय सेना को समर्पित है। उन्होंने कहा था कि, टीम चाहती है कि मैदान पर अपने खेल से उनके चेहरे पर मुस्कान लाए और खिलाड़ियों को उनकी बहादुरी प्रेरित करती है।
टीम इंडिया ने बिना ट्रॉफी के मनाया जश्न:
भारत ने फाइनल में पाकिस्तान को हराकर खिताब जीता लेकिन टीम ने एशियन क्रिकेट काउंसिल (एसीसी) अध्यक्ष और पाकिस्तान के मंत्री मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। विवाद इतना बढ़ा कि नकवी ट्रॉफी अपने साथ ले गए। इस पर सूर्यकुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'मैंने कभी ऐसा नहीं देखा कि विजेता टीम को ट्रॉफी न मिले। असली ट्रॉफी तो मेरे 14 साथी खिलाड़ी हैं और वो हमेशा मेरी यादों में रहेंगे।'
अली आगा से हाथ मिलाने से परहेज:
एशिया कप में भारत और पाकिस्तान के बीच तीन मुकाबले हुए और तीनों बार भारतीय टीम ने जीत दर्ज की। लेकिन हर बार कप्तान सूर्यकुमार यादव ने पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा से हाथ मिलाने से परहेज किया। रविवार को खेले गए फाइनल में भी ऐसा ही हुआ। भारतीय टीम के रवैये को पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा ने गलत बताया। उन्होंने कहा कि, टूर्नामेंट की शुरुआत में 'सूर्यकुमार ने रेफरी मीटिंग और प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुझसे हाथ मिलाया था। लेकिन शायद उन्हें ऐसा करने का निर्देश मिला होगा इसलिए कैमरे के सामने ऐसा नहीं किया।' वहीं एशिया कप जीतकर एक बार फिर पाकिस्तान पर दबदबा दिखाया। लेकिन मैदान पर भारत-पाक खिलाड़ियों के बीच खिंचाव और इस जीत के साथ सेना को समर्पण ने इस टूर्नामेंट को क्रिकेट से ज्यादा सुर्खियां दीं है।