नई दिल्ली। चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल रोक लगाने से इनकार कर दिया है। मेघालय सरकार ने हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए सर्वोच्च अदालत का रुख किया था, लेकिन कोर्ट ने फिलहाल कोई अंतरिम आदेश जारी नहीं किया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 10 जुलाई को होगी।
जमानत रद्द करने की मांग लेकर पहुंची थी सरकार
मेघालय सरकार का कहना है कि हत्या जैसे गंभीर मामले में आरोपी को राहत देना उचित नहीं है। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा कि जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्य और आरोपपत्र सोनम रघुवंशी की भूमिका को गंभीर बताते हैं। इसलिए हाई कोर्ट का आदेश निरस्त किया जाना चाहिए।
चार्जशीट के आधार पर सरकार ने रखा पक्ष
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि जांच एजेंसियों के अनुसार हत्या एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी। उन्होंने कहा कि निचली अदालतें भी पहले तीन बार जमानत याचिका खारिज कर चुकी हैं। सरकार ने यह भी आशंका जताई कि आरोपी के बाहर रहने से गवाहों और साक्ष्यों पर असर पड़ सकता है।
तकनीकी आधार पर मिली थी जमानत
सरकार ने अदालत में तर्क दिया कि हाई कोर्ट ने गिरफ्तारी से संबंधित दस्तावेजों में हुई प्रक्रिया संबंधी त्रुटि को आधार बनाकर जमानत दी थी। सरकार का कहना था कि यह केवल तकनीकी कमी थी और इसे हत्या जैसे गंभीर अपराध में राहत देने का आधार नहीं बनाया जाना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान माना कि मामले में कानूनी पहलुओं की विस्तार से समीक्षा की जाएगी। हालांकि अदालत ने यह भी देखा कि सोनम रघुवंशी पहले ही जेल से रिहा हो चुकी हैं और जमानत की शर्तों का पालन कर रही हैं। ऐसे में बिना विस्तृत सुनवाई के जमानत पर तत्काल रोक लगाना उचित नहीं होगा।
हाई कोर्ट के फैसले पर जताई आपत्ति
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया कि हाई कोर्ट के आदेश के कुछ पहलुओं पर उसे आपत्ति है। अदालत ने कहा कि अगली सुनवाई में इन कानूनी बिंदुओं पर विस्तार से विचार किया जाएगा।
अब 10 जुलाई पर टिकी नजर
मामले में अब अगली सुनवाई 10 जुलाई को होगी। इस दिन सुप्रीम कोर्ट मेघालय सरकार की अपील, हाई कोर्ट के आदेश और जमानत से जुड़े सभी कानूनी पहलुओं पर विस्तार से सुनवाई करेगा। इसके बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।