Shivraj Singh Book: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यक्तित्व और उनके साथ बिताए गए लंबे समय पर आधारित अपनी नई पुस्तक "अपनापन" का विमोचन किया है। इस किताब के माध्यम से चौहान ने 1990 के दशक से लेकर वर्तमान तक के अपने राजनीतिक और व्यक्तिगत अनुभवों को सार्वजनिक किया है।
35 वर्षों का अटूट साथ
किताब के बारे में बात करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि उनका और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का साथ साढ़े तीन दशकों से भी ज्यादा पुराना है। उन्होंने उन दिनों को याद किया जब दोनों ही नेता संगठन के कार्यकर्ता के रूप में अपनी जमीन तैयार कर रहे थे। पुस्तक में 1991 की ऐतिहासिक एकता यात्रा का विशेष उल्लेख है। चौहान ने बताया कि 1991 में संगठन के कार्यकर्ता के रूप में उन्हें पहली बार मोदी जी के साथ करीब से काम करने का मौका मिला। उस समय शिवराज भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष और पहली बार सांसद बने थे। एकता यात्रा के दौरान युवाओं को जोड़ने के लिए उन्हें "केसरिया वाहिनी" के संयोजक की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई थी。
मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री तक का सफर
शिवराज सिंह चौहान ने किताब में शासन और सत्ता के गलियारों में साझा किए गए अनुभवों को भी कलमबद्ध किया है। उन्होंने याद किया कि पहले नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री बने और उसके कुछ समय बाद उन्हें मध्य प्रदेश की कमान मिली। चौहान ने बताया कि जब मोदी जी प्रधानमंत्री बने, तब वे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। इस दौरान उन्होंने एक मुख्यमंत्री के तौर पर प्रधानमंत्री मोदी के साथ काम करने का एक गहरा और समृद्ध अनुभव प्राप्त किया।
"अपनापन" में क्या है खास?
यह किताब केवल राजनीतिक घटनाक्रमों का संकलन नहीं है, बल्कि यह प्रधानमंत्री मोदी की कार्यशैली, उनकी संवेदनशीलता और एक मार्गदर्शक के रूप में उनकी भूमिका को शिवराज सिंह चौहान की नजर से बयां करती है।