सारंगढ़-बिलाईगढ़। छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से सरकारी कामकाज पर असर पड़ने लगा है। धान खरीदी की तैयारियों, धान गिरदावरी, डिजिटल क्रॉप सर्वे और आपदा सर्वे जैसे जरूरी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। लगातार बिगड़ती स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने अब सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। प्रशासन ने हड़ताल कर रहे पटवारियों को तत्काल ड्यूटी पर लौटने का निर्देश देते हुए नोटिस जारी किया है।
13 अक्टूबर से हड़ताल पर हैं पटवारी
मिली जानकारी के अनुसार, जिले के पटवारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 13 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। लंबे समय से जारी इस हड़ताल के कारण राजस्व विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण काम अटके हुए हैं। इसका असर आम लोगों के साथ-साथ सरकारी योजनाओं और कृषि संबंधी तैयारियों पर भी पड़ रहा है।
स्थिति को देखते हुए एसडीएम ने सारंगढ़, बरमकेला और सरिया तहसील के हड़ताली पटवारियों को नोटिस जारी किया है।
प्रशासन ने दिया काम पर लौटने का अल्टीमेटम
प्रशासन की ओर से जारी नोटिस में पटवारियों को तत्काल अपने कार्यस्थल पर उपस्थित होकर काम शुरू करने और उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। नोटिस में चेतावनी दी गई है कि तय समय पर ड्यूटी ज्वाइन नहीं करने और आदेश का पालन नहीं करने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
इतना ही नहीं, प्रशासन ने सेवा में ब्रेक जैसी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। इससे हड़ताल कर रहे पटवारियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
धान खरीदी की तैयारियों पर भी पड़ रहा असर
पटवारियों की हड़ताल का प्रभाव कई महत्वपूर्ण सरकारी कार्यों पर दिखाई देने लगा है। इनमें धान गिरदावरी, डिजिटल क्रॉप सर्वे, धान खरीदी से जुड़ी तैयारियां और आपदा सर्वे शामिल हैं। इन कार्यों के समय पर पूरा नहीं होने से प्रशासन के सामने भी चुनौती खड़ी हो रही है।
अब प्रशासन ने नोटिस जारी कर हड़ताली पटवारियों पर काम पर लौटने का दबाव बनाया है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या पटवारी प्रशासन के अल्टीमेटम के बाद हड़ताल समाप्त कर ड्यूटी पर लौटेंगे या फिर उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा?