ग्वालियर : मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जहां SAF आरक्षक ने अपनी ही मंगेतर को दुष्कर्म का शिकार बना डाला। पीड़िता और आरक्षक की शादी मई में होने वाली थी। लेकिन इसके पहले ही आरक्षक ने अपनी हवस की आग बुझाने के लिए यह कांड कर डाला। जिसकी शिकायत पीड़िता ने पुलिस से कर इंसाफ की गुहार लगाई।
संबंध बनाने के बाद शादी से किया इनकार
बताया जा रहा है कि कुछ समय पहले ही दोनों परिवारों के बीच रोका-सगाई की रस्मे पूरी हुई थी। जिसका फायदा उठाकर SAF जवान ने कई बार अपनी होने वाली पत्नी के साथ संबंध बनाए और आखिर में शादी से मुकर गया। इसकी शिकायत पीड़िता ने थाने में की है।
पुलिस ने केस किया दर्ज
पीड़िता ने पुलिस को बयान देते हुए बताया कि 3 मार्च को आरोपी के आवास पर पहली बार उसके साथ दुष्कर्म हुआ। फिर 9 और 18 मार्च को भी आरोपी ने उससे कहा कि जब शादी हो रही है तो संबंध बना सकते हैं। इस वजह से युवती ने भी विरोध नहीं किया। लेकिन शादी के कुछ समय पहले SAF जवान ने शादी करने से इनकार कर दिया। हालांकि इस दौरान पीड़िता के परिवार वालों ने आरोपी को काफी समझाने का प्रयास किया। लेकिन वो नहीं माना। पीड़िता के बयान के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। आरोपी की तलाश की जा रही है।
5 मई को होनी थी शादी
बता दें कि पीड़िता (27) मूल रूप से भिंड की रहने वाली है और ग्वालियर में किराए का कमरा लेकर रहती है. वह MA अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रही है। वही आरोपी अंकित ओझा SAF की सेकंड बटालियन, ग्वालियर में आरक्षक के पद पर तैनात है. वह सुभाष चंद्र बोस तिलक नगर स्थित सरकारी आवास में रहता है. 15 फरवरी 2026 को हिंदू रीति-रिवाज के साथ दोनों का ‘रोका’ हुआ था. इसके बाद 20 मार्च 2026 को सगाई की रस्म भी पूरी हो गई थी.
बता दें कि पीड़िता (27) मूल रूप से भिंड की रहने वाली है और ग्वालियर में किराए का कमरा लेकर रहती है. वह MA अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रही है। वही आरोपी अंकित ओझा SAF की सेकंड बटालियन, ग्वालियर में आरक्षक के पद पर तैनात है. वह सुभाष चंद्र बोस तिलक नगर स्थित सरकारी आवास में रहता है. 15 फरवरी 2026 को हिंदू रीति-रिवाज के साथ दोनों का ‘रोका’ हुआ था. इसके बाद 20 मार्च 2026 को सगाई की रस्म भी पूरी हो गई थी.