नई दिल्ली। देश आज 77वां गणतंत्र दिवस पूरे हर्षोल्लास और गौरव के साथ मना रहा है। राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित राष्ट्रीय समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रध्वज फहराया। इस दौरान राष्ट्रगान के साथ 21 तोपों की सलामी दी गई, जिससे पूरा वातावरण देशभक्ति के रंग में रंग गया। गणतंत्र दिवस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्रिमंडल के सदस्य, तीनों सेनाओं के प्रमुख और देश-विदेश के विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे।
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को मिला अशोक चक्र:
इस अवसर पर ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को देश के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता सम्मान अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें उनकी ऐतिहासिक अंतरिक्ष यात्रा और असाधारण साहस के लिए प्रदान किया गया, जिसने भारत की वैज्ञानिक और रणनीतिक क्षमता को वैश्विक मंच पर नई ऊंचाई दी है।
यूरोपीय संघ के शीर्ष नेता मुख्य अतिथि":
गणतंत्र दिवस 2026 परेड में इस वर्ष मुख्य अतिथि के रूप में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन शामिल हुए। उनकी उपस्थिति भारत और यूरोपीय संघ के बीच मजबूत होते रणनीतिक, आर्थिक और कूटनीतिक संबंधों का प्रतीक मानी जा रही है।
‘वंदे मातरम्’ थीम पर आधारित परेड:
कर्तव्य पथ पर शुरू हुई मुख्य परेड करीब 90 मिनट तक चलेगी। इस वर्ष परेड की थीम “वंदे मातरम् 150 वर्षों की विरासत” रखी गई है। परेड में कुल 30 झांकियां शामिल हैं, जो दो प्रमुख मंत्रों पर केंद्रित हैं। स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे मातरम्, समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत ये झांकियां भारत की सांस्कृतिक विविधता, विकास यात्रा, सैन्य शक्ति और आत्मनिर्भरता को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित कर रही हैं।
कर्तव्य पथ पर दिखी स्वदेशी रक्षा शक्ति:
इस वर्ष की परेड में भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता का विशेष प्रदर्शन देखने को मिला। कर्तव्य पथ पर धनुष गन सिस्टम और अमोघ (ATAGS – Advanced Towed Artillery Gun System) ने सबका ध्यान खींचा। ये स्वदेशी तोपखाना प्रणालियां मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत रक्षा निर्माण में भारत की तकनीकी क्षमता का सशक्त उदाहरण हैं।
नए भारत की ताकत और आत्मविश्वास का प्रतीक:
गणतंत्र दिवस 2026 की यह परेड नए भारत के आत्मविश्वास, सामरिक शक्ति और वैश्विक भूमिका को दर्शाती है। कर्तव्य पथ पर संस्कृति, शक्ति और समृद्धि का यह संगम देशवासियों में गर्व और एकता की भावना को और मजबूत कर रहा है।