Mohan Cabinet Decisions : मध्यप्रदेश की मोहन सरकार की मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले लिए है। मोहन केबिनेट की बैठक में सरकार के सभी मंत्री शामिल रहे। कैबिनेट की बैठक खत्म होने के बाद सभी मंत्रियों ने सीएम मोहन को वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में मिली सफलता को लेकर बधाई दी।
मंत्री कश्यप ने दी जानकारी
कैबिनेट मंत्री चैतन्य कश्याप ने कैबिनेट के अहम फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि मध्यप्रदेश के 9 टाइगर रिजर्व के बफर जोन में बाघों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि यह वन्यजीव संरक्षण के लिए सकारात्मक संकेत है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में अलग-अलग कारणों से बाघों की मौत की घटनाएं भी सामने आई हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने बफर जोन की सुरक्षा और निगरानी को और मजबूत करने का निर्णय लिया है। मंत्री कश्याप के अनुसार, बफर जोन की सुरक्षा व्यवस्था के लिए 390 करोड़ रुपये की विशेष योजना को मंजूरी दी गई है।
नरसिंहपुर किसानों को सौगात
नरसिंहपुर जिले में किसानों को सिंचाई की बड़ी सौगात मिलने जा रही है। बागरा शाखा से लिफ्ट इरीगेशन योजना के जरिए सोहागपुर और बाबई तहसील तक पानी पहुंचाया जाएगा, जिससे करीब 4200 हेक्टेयर कृषि भूमि में सिंचाई संभव होगी। वहीं पिपरिया शाखा से सोहागपुर तहसील के खेतों को पानी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे लगभग 6000 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिलेगी। इन दोनों परियोजनाओं के पूरा होने के बाद जिले में कुल 10200 हेक्टेयर भूमि सिंचित हो सकेगी। करीब 215 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की जा रही इस योजना से 63 गांवों के किसानों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा।
ओबीसी योजना में बदलाव
राज्य सरकार ने विदेश में रोजगार से जुड़ी ओबीसी युवाओं की योजना में बड़ा बदलाव किया है। मंत्री काश्यप ने जानकारी देते हुए बताया कि साल 2022 में शुरू की गई बेरोजगार युवक-युवतियों को विदेश भेजने की योजना का नाम अब बदलकर अन्य पिछड़ा वर्ग युवाओं के लिए विदेश रोजगार, निवेश एवं नियोजन योजना–2025 कर दिया गया है।
विदेश जाने वाले युवाओं का सरकार उठागी खर्च
मंत्री काश्यप के अनुसार, पहले इस योजना के तहत युवाओं को केवल जापान भेजने की व्यवस्था थी, लेकिन अब इसे विस्तारित कर दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत ओबीसी वर्ग के युवा दुनिया के किसी भी देश में रोजगार के लिए जाएंगे तो उनके आवागमन का खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।
600 युवाओं को भेजने का लक्ष्य
सरकार ने इस योजना के अंतर्गत 600 से अधिक युवाओं को विदेश भेजने का लक्ष्य तय किया है, जिसके लिए करीब 45 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इस पहल से ओबीसी वर्ग के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर मिलेंगे और उनके कौशल विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
पचमढ़ी विकास पर चर्चा
मंत्री चैतन्य काश्यप ने कैबिनेट फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि पचमढ़ी के विकास से जुड़े प्रस्ताव में संशोधन किया गया है, जिसे अब सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष मई में पचमढ़ी क्षेत्र को लेकर एक अहम निर्णय लिया गया था, लेकिन बाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के चलते शहर के साडा क्षेत्र में विकास कार्य रोक दिए गए थे।
मंत्री काश्यप के अनुसार, पचमढ़ी की 395.93 हेक्टेयर भूमि को पहले शहरी आवासीय क्षेत्र में शामिल करते हुए अभयारण्य की सीमा से बाहर किया गया था। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद इस निर्णय में आवश्यक संशोधन किया गया है। अब संशोधित प्रस्ताव में यह स्पष्ट किया गया है कि संबंधित क्षेत्र अभयारण्य से अलग ही रहेगा, जिससे आगे विकास योजनाओं को अमल में लाने का रास्ता साफ हो सकेगा।
योजनाओं को मिली पांच साल की मंजूरी
कैबिनेट बैठक में राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने की स्वीकृति भी दी गई। इनमें प्रमुख रूप से मुख्यमंत्री कृषक फसल उपार्जन योजना, राजस्व विभाग के कार्यालय एवं आवासीय भवनों का निर्माण, शुल्क प्रतिपूर्ति योजना, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रशिक्षण, स्काउट-गाइड से जुड़ी योजनाएं सहित अन्य महत्वपूर्ण कार्यक्रम शामिल हैं।