जयपुर: राजस्थान में शहरी स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव कार्यक्रम जारी कर दिया है। राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने चुनाव की तारीखों की घोषणा करते हुए बताया कि प्रदेश के 309 नगर निकायों में दो चरणों में मतदान कराया जाएगा। चुनाव प्रक्रिया के तहत 9 सितंबर और 11 सितंबर को वोटिंग होगी, जबकि 14 सितंबर को मतगणना कराई जाएगी।
इन चुनावों में 10 नगर निगम, 51 नगर परिषद और 248 नगरपालिकाएं शामिल हैं। कुल 10,245 वार्डों में पार्षद पद के लिए चुनाव होगा। आयोग के अनुसार करीब 1.44 करोड़ मतदाता मतदान कर सकेंगे।
9 और 11 सितंबर को होगी वोटिंग
राज्य निर्वाचन आयोग के घोषित कार्यक्रम के अनुसार नगर निकाय चुनाव दो चरणों में संपन्न होंगे। पहले चरण में 9 सितंबर और दूसरे चरण में 11 सितंबर को मतदान कराया जाएगा। दोनों चरणों की वोटिंग के बाद 14 सितंबर को मतगणना होगी।
पार्षदों के चुनाव के बाद नगर निकायों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए अलग से चुनाव कराया जाएगा। अध्यक्ष पद के लिए 21 सितंबर और उपाध्यक्ष पद के लिए 22 सितंबर को मतदान होगा। इन दोनों चुनावों की मतगणना भी संबंधित दिन की जाएगी।
1.44 करोड़ मतदाता डालेंगे वोट
राजस्थान के शहरी निकाय चुनाव में करीब 1.44 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। राज्य के कुल 10,245 वार्डों में पार्षद पद के लिए उम्मीदवार चुनाव मैदान में होंगे। मतदाताओं की संख्या के लिहाज से जयपुर नगर निगम सबसे बड़ा निकाय है। यहां 24 लाख से अधिक मतदाता चुनाव में हिस्सा लेंगे।
309 निकायों में होगा चुनाव
राज्य में जिन 309 शहरी स्थानीय निकायों के लिए चुनाव होंगे, उनमें:
10 नगर निगम
51 नगर परिषद
248 नगरपालिकाएं
शामिल हैं। चुनाव प्रक्रिया में पहले पार्षदों का चुनाव होगा। इसके बाद नगर निगमों में मेयर और अन्य शहरी निकायों में अध्यक्ष पद के लिए निर्वाचन कराया जाएगा।
चुनाव की घोषणा के साथ लागू हुई आचार संहिता
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से अधिसूचना जारी किए जाने के साथ ही संबंधित क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। आचार संहिता के दौरान चुनाव वाले शहरी क्षेत्रों में सरकार नए विकास कार्यों की घोषणा नहीं कर सकेगी। नए वर्क ऑर्डर जारी करने और नई परियोजनाएं शुरू करने पर भी प्रतिबंध रहेगा।
हालांकि, चुनाव से पहले स्वीकृत और पहले से चल रहे विकास कार्यों को जारी रखने की अनुमति होगी। इस अवधि में नए प्रोजेक्ट के उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रम भी नहीं किए जा सकेंगे।
चुनाव ड्यूटी में 1.15 लाख कर्मचारी
नगर निकाय चुनाव को सुचारु तरीके से संपन्न कराने के लिए बड़े स्तर पर कर्मचारियों और सुरक्षा बलों की तैनाती की जाएगी। चुनावी प्रक्रिया में करीब 1.15 लाख कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी, जबकि सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए लगभग 98,790 पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे।
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद चुनाव कार्यक्रम
राजस्थान में निकाय चुनाव कराने की प्रक्रिया में देरी को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट ने भी निर्देश जारी किए थे। अदालत ने शहरी स्थानीय निकाय और पंचायती राज चुनाव समय पर कराने पर जोर दिया था।
हाईकोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया को 15 नवंबर तक पूरा करने और आरक्षण से जुड़ी लॉटरी प्रक्रिया को 15 अगस्त तक पूरा करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद स्थानीय स्वशासन विभाग ने वार्डों और पदों के आरक्षण की लॉटरी प्रक्रिया पूरी कर उसका विवरण राज्य निर्वाचन आयोग को सौंप दिया। अब चुनाव कार्यक्रम जारी होने के बाद प्रदेश के शहरी इलाकों में राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है। उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों की तैयारियां भी जोर पकड़ेंगी।