जयपुर। राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव के तहत सोमवार को 273 निकायों में मेयर, सभापति और अध्यक्ष पद के लिए मतदान होगा। मतदान प्रक्रिया सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलेगी। इसके बाद आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर मतगणना शुरू की जाएगी। आज होने वाले चुनाव में पांच नगर निगमों के मेयर पद के साथ नगर परिषदों और नगर पालिकाओं के अध्यक्ष पद का भी फैसला होगा। अजमेर, बीकानेर, उदयपुर, अलवर और पाली नगर निगम में मेयर पद के लिए पार्षद मतदान करेंगे। वहीं, 24 नगर परिषदों और 244 नगर पालिकाओं में सभापति एवं अध्यक्ष पद के लिए निर्वाचन होगा। इससे पहले 32 निकायों में अध्यक्ष पद पर निर्विरोध निर्वाचन हो चुका है।
पांच नगर निगमों में आज होगा मेयर का फैसला
राजस्थान के पांच प्रमुख नगर निगमों में आज मेयर पद के लिए चुनाव होना है। इन चुनावों में दलों के बीच संख्या बल के साथ निर्दलीय पार्षदों की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
अजमेर में 11 निर्दलीय पार्षद अहम
अजमेर नगर निगम में कांग्रेस के 37, भाजपा के 32 और 11 निर्दलीय पार्षद हैं। यहां बहुमत के लिए 41 पार्षदों का समर्थन जरूरी है। कांग्रेस बहुमत से चार और भाजपा नौ पार्षद दूर है। ऐसे में 11 निर्दलीय पार्षदों का रुख चुनाव के नतीजे को प्रभावित कर सकता है। मेयर पद के लिए कांग्रेस की किरण गर्हवाल और भाजपा की अनामिका शर्मा के बीच मुकाबला है।
बीकानेर में कांग्रेस के पास एक सीट की बढ़त
बीकानेर नगर निगम में कांग्रेस के 42, भाजपा के 27, निर्दलीय 10 और RLP का एक पार्षद है। यहां बहुमत का आंकड़ा 41 है, इसलिए कांग्रेस के पास संख्या बल के लिहाज से एक सीट की बढ़त है। मेयर पद के लिए कांग्रेस के अनिल कल्ला और भाजपा के सुरेंद्र सिंह के बीच मुकाबला है। चुनाव से पहले दोनों खेमों ने अपने पार्षदों को एकजुट रखने के लिए रणनीति बनाई है।
उदयपुर में भाजपा के पास स्पष्ट बहुमत
उदयपुर नगर निगम में भाजपा के 53 पार्षद हैं, जबकि कांग्रेस के 23, निर्दलीय 3 और CPM का एक पार्षद है। यहां बहुमत का आंकड़ा 41 है। उपलब्ध संख्या के आधार पर भाजपा के पास बहुमत है।
अलवर में निर्दलीयों की भूमिका महत्वपूर्ण
अलवर नगर निगम में भाजपा के 28, कांग्रेस के 23, निर्दलीय 13 और BSP का एक पार्षद है। बहुमत के लिए 33 पार्षदों का समर्थन आवश्यक है। ऐसे में दोनों प्रमुख दलों के लिए निर्दलीय पार्षद महत्वपूर्ण हो जाते हैं। भाजपा की सुमनलता अग्रवाल और कांग्रेस के कमलेश शर्मा मेयर पद के उम्मीदवार हैं।
पाली में भी निर्दलीयों पर निगाह
पाली नगर निगम में कांग्रेस के 29, भाजपा के 21 और 15 निर्दलीय पार्षद हैं। बहुमत के लिए 33 पार्षदों की जरूरत है। कांग्रेस बहुमत से चार सीट दूर है, जबकि भाजपा को बहुमत तक पहुंचने के लिए 12 अतिरिक्त समर्थन चाहिए। मेयर पद के चुनाव में यहां भी निर्दलीय पार्षदों की भूमिका अहम रहने वाली है।
बाड़ेबंदी के बाद आज संख्या बल की परीक्षा
निकाय चुनाव से पहले भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपने पार्षदों को एकजुट रखने के लिए अलग-अलग रणनीतियां अपनाई हैं। जिन निकायों में किसी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है, वहां निर्दलीय पार्षदों के समर्थन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज रही हैं। आज मतदान के दौरान क्रॉस वोटिंग की संभावना भी दोनों प्रमुख दलों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। हालांकि अंतिम तस्वीर मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगी।
जयपुर, जोधपुर और कोटा में आज मेयर चुनाव नहीं
राजस्थान के जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगमों में मेयर का चुनाव आज नहीं होगा। इन तीनों नगर निगमों के लिए अलग कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। यहां मेयर पद के लिए मतदान 25 सितंबर को कराया जाएगा। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जयपुर में भाजपा के 78, कांग्रेस के 53 और निर्दलीय 15 पार्षद हैं। कोटा में भाजपा के 55 और कांग्रेस के 39 पार्षद हैं। वहीं जोधपुर में भाजपा और कांग्रेस के 44-44 पार्षद बताए गए हैं, जबकि अन्य पार्षद भी हैं।
22 सितंबर को उपाध्यक्ष पदों का चुनाव
नगर निकायों में डिप्टी मेयर, उपसभापति और उपाध्यक्ष पदों के लिए निर्वाचन 22 सितंबर को होगा। इसके लिए बैठक सुबह 10 बजे से होगी। नामांकन पत्र सुबह 11 बजे तक जमा किए जाएंगे और 11:30 बजे से उनकी जांच होगी। अभ्यर्थिता वापस लेने का समय दोपहर 2 बजे तक रहेगा। यदि मतदान की जरूरत पड़ती है तो दोपहर 2:30 बजे से शाम 5 बजे तक वोटिंग होगी। इसके तुरंत बाद मतगणना कर परिणाम घोषित किए जाएंगे।
बीकानेर में मेयर चुनाव से पहले हाईकोर्ट की राहत
बीकानेर नगर निगम के वार्ड-18 से नवनिर्वाचित पार्षद मकसूद अहमद से जुड़े मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने देर रात विशेष सुनवाई की। रिपोर्ट के अनुसार, हाईकोर्ट की एकलपीठ ने संबंधित मामले में मकसूद अहमद की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाई है। बताया गया कि करीब दो महीने पुरानी FIR के मामले में उन्हें 15 सितंबर को कोटगेट थाने की ओर से गवाह के तौर पर नोटिस जारी किया गया था। गिरफ्तारी की आशंका को लेकर उन्होंने रविवार देर शाम हाईकोर्ट का रुख किया था। मेयर चुनाव की तात्कालिकता को देखते हुए अदालत में विशेष सुनवाई हुई। मामले में अधिवक्ता कौशल गौतम के माध्यम से याचिका दाखिल की गई और वरिष्ठ अधिवक्ता सचिन आचार्य ने पैरवी की।
रात में हुई विशेष सुनवाई
बीकानेर और हनुमानगढ़ के निर्वाचित पार्षदों से जुड़े मामलों में गिरफ्तारी को लेकर भी अदालत में विशेष सुनवाई हुई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, राजस्थान हाईकोर्ट में देर रात विशेष पीठ का गठन कर सुनवाई की गई। मकसूद अहमद से जुड़े मामले में शिकायत सरकारी डिस्पेंसरी में सरकारी काम में बाधा और डॉक्टर से कथित अभद्रता से संबंधित बताई गई है। हाईकोर्ट की अंतरिम राहत के बाद अब बीकानेर मेयर चुनाव पर सभी की नजरें टिकी हैं।
राजस्थान निकाय चुनाव 2026: आज क्या होगा?
सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक मतदान
मतदान के बाद मतगणना
पांच नगर निगमों में मेयर पद का चुनाव
24 नगर परिषदों में सभापति पद का चुनाव
244 नगर पालिकाओं में अध्यक्ष पद का चुनाव
32 निकायों में निर्विरोध निर्वाचन पहले ही हो चुका है
जयपुर, जोधपुर और कोटा में मेयर चुनाव 25 सितंबर को
22 सितंबर को डिप्टी मेयर, उपसभापति और उपाध्यक्ष पदों का निर्वाचन