भोपाल। रेलवे के सरकारी आवास में रहने वाले कर्मचारियों के लिए अहम अपडेट सामने आया है। रेलवे बोर्ड ने रेलवे क्वार्टर के मासिक लाइसेंस शुल्क यानी आवास किराए की नई दरें निर्धारित कर दी हैं। नई दरों को 1 जुलाई 2026 से प्रभावी माना गया है। रेलवे बोर्ड की ओर से इस संबंध में 23 सितंबर 2026 को आदेश जारी किया गया है। नई व्यवस्था के तहत अब रेलवे क्वार्टर में रहने वाले कर्मचारियों को उनके आवास की श्रेणी और क्षेत्रफल के अनुसार बढ़ा हुआ मासिक किराया देना होगा।
जुलाई से सितंबर तक का बकाया भी वसूला जाएगा
नई दरें जुलाई 2026 से लागू मानी गई हैं, जबकि आदेश सितंबर में जारी हुआ है। ऐसे में जुलाई, अगस्त और सितंबर के दौरान पुरानी दर से काटे गए किराए और संशोधित दर के बीच जो अंतर बना है, उसे भी कर्मचारियों से वसूल किया जाएगा। यह बकाया राशि आगामी वेतन से समायोजित किए जाने की संभावना है। यानी कर्मचारियों की सैलरी से नियमित बढ़े हुए किराए के साथ पिछले तीन महीनों की अंतर राशि भी काटी जा सकती है।
छोटे रेलवे क्वार्टरों का भी बढ़ा किराया
रेलवे बोर्ड ने आवास की श्रेणी और उसके क्षेत्रफल के आधार पर संशोधित लाइसेंस शुल्क तय किया है। पहली श्रेणी के आवासों में अलग-अलग क्षेत्रफल के लिए नई दरें इस प्रकार हैं:
25 वर्ग मीटर तक: 120 रुपये से बढ़कर 150 रुपये प्रतिमाह
25 से 30 वर्ग मीटर: 170 रुपये से बढ़कर 200 रुपये प्रतिमाह
30 से 35 वर्ग मीटर: 210 रुपये से बढ़कर 250 रुपये प्रतिमाह
35 वर्ग मीटर से अधिक: 220 रुपये से बढ़कर 280 रुपये प्रतिमाह
बड़ी श्रेणी के क्वार्टरों पर भी नई दरें
दूसरी श्रेणी के रेलवे आवासों के लिए संशोधित मासिक शुल्क 280 से 380 रुपये तक निर्धारित किया गया है। तीसरी श्रेणी के क्वार्टरों में क्षेत्रफल के अनुसार 470 से 610 रुपये प्रतिमाह शुल्क लगेगा। चौथी श्रेणी के आवासों के लिए नई दर 720 से 1,320 रुपये प्रतिमाह के बीच होगी। वहीं पांचवीं श्रेणी के बड़े सरकारी आवासों के लिए क्षेत्रफल के आधार पर 1,940 रुपये से लेकर 5,860 रुपये प्रतिमाह तक शुल्क निर्धारित किया गया है।
नौकर के कमरे और गैरेज का शुल्क भी बढ़ा
रेलवे क्वार्टर के साथ उपलब्ध अतिरिक्त सुविधाओं के शुल्क में भी संशोधन किया गया है। नौकर के कमरे का मासिक शुल्क 120 रुपये से बढ़ाकर 130 रुपये कर दिया गया है। इसी तरह गैरेज का शुल्क 80 रुपये से बढ़कर 90 रुपये प्रतिमाह हो गया है।
350 वर्ग मीटर से ज्यादा आवास का शुल्क 5,860 रुपये
रेलवे बोर्ड के निर्देश के अनुसार 350 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले आवासों के लिए अधिकतम निर्धारित शुल्क लागू होगा। ऐसे सरकारी आवासों का मासिक लाइसेंस शुल्क 5,860 रुपये रहेगा। इसके अलावा चौथी श्रेणी के क्वार्टरों के लिए निर्धारित संशोधित दरें रेलवे अधिकारियों के आवागमन के लिए उपलब्ध कराए जाने वाले अस्थायी आवासों पर भी लागू होंगी।
उप-मानक रेलवे आवासों को राहत
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि संशोधित लाइसेंस शुल्क उप-मानक सरकारी आवासों पर लागू नहीं होगा। यानी निर्धारित मानकों से कम सुविधाओं या मानकों वाले आवासों को इस बढ़ोतरी के दायरे से बाहर रखा गया है। रेलवे बोर्ड के नए आदेश के बाद संबंधित विभागों को संशोधित दरों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में रेलवे क्वार्टर में रह रहे कर्मचारियों के आगामी वेतन में बढ़ा हुआ मासिक शुल्क और जुलाई से सितंबर तक की बकाया अंतर राशि का समायोजन देखने को मिल सकता है।