उज्जैन : मध्य प्रदेश के उज्जैन में हर साल की इस साल भी माता पार्वती और भगवान शिव के विवाह उत्सव की तैयारी शुरू कर दी गई। तीन दिवस चलने वाले इस कार्यक्रम में बारात (Shiv Barat) से लेकर नगर भोज (Nagar Bhoj) तक का आयोजन किया गया है। इतना ही नहीं नगर वासियों को निमंत्रण देना भी शुरू कर दिया गया है। जिसके लिए पत्रिका भी छपवाई गई है। जो की एक बार फिर चर्चा का विषय बना हुआ है।
विवाह पत्रिका की तस्वीर हुई वायरल
शादी के पत्रिका में शिव-पार्वती की तस्वीर के साथ ही विवाह कार्यक्रम की पूरी जानकारी दी गई है। साथ ही इस शादी में आम जनता के साथ ही भूत प्रेतों को भी निमंत्रण दिया गया है। सबसे पहले यह पत्रिका भगवान गणेश के मंदिर में अर्पित की गई, इसके बाद महाकाल सहित उज्जैन के प्रमुख मंदिरों में निमंत्रण पहुंचाया गया, जिससे धार्मिक माहौल और गहरा गया है। कार्यक्रम की शुरुआत 24 फरवरी से होगी, जबकि 26 फरवरी को भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह के पश्चात भव्य रिसेप्शन आयोजित किया जाएगा.
आयोजन ‘शयन आरती परिवार' द्वारा किया गया
कार्यक्रम का आयोजन इस बार भी ‘शयन आरती परिवार' द्वारा किया गया है। जहां विवाह भोज में लगभग 50 से अधिक प्रकार के व्यंजन मेहमानों को परोसे जाएंगे। जिसको लेकर तैयारी भी शुरू कर दी गई है। बता दें कि शयन आरती परिवार पिछले 26 वर्षों से महाशिवरात्रि के बाद भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह उत्सव आयोजित करता आ रहा है।
आयोजन में 56 प्रकार के व्यंजन
आयोजन में पानी पूरी, लस्सी और पान के स्वाद के साथ कॉफी का लुत्फ भी रिसेप्शन पार्टी में बराती उठा सकेंगे. इसके अलावा 56 प्रकार के व्यंजनों में आलू पनीर, मटर आलू, दाल चावल, बूंदी, अलग-अलग मिठाइयां, खीर, पूड़ी और विभिन्न प्रकार की रोटियां परोसी जाएंगी.
रिसेप्शन कार्ड की मुख्य बातें
= कार्ड के फ्रंट पेज में बाबा महाकाल संग माँ पार्वती विवाह रिसेप्शन (नगर भाज) दिनांक 26 फरवरी 2026, गुरुवार स्थानः कुमावत मारवाड़ी धर्मशाला, नृसिंह घाट के सामने, उज्जैन समयः शाम 4 बजे से आपके आगमन श्री महाकाल थयन आरती भक्त परिवार, उज्जैन लिखा है.
=कार्ड के दूसरे पन्ने पर श्री विवाह उत्सव लिखा हुआ. श्री गणपति पूजन दि. 25.02.2026, बुधवार प्रातः 10 बजे, हल्दी-मेहंदी दि. 25.02.2026, बुधवार सायं 4 बजे साथ ही उसके नीचे लिखा है. वही दूसरी तरफ शुभ लग्न दि. 26.02.2026, गुरुवार सायं 5 बजे लिखा हुआ है.
उज्जैन में उत्सव की रौनक-भक्तों में उत्साह
हर साल उज्जैन में आयोजित होने वाले इस इतिहास और आध्यात्मिक उत्साह को देखने के लिए हर वर्ष हजारों भक्त उज्जैन पहुँचते हैं. आयोजन समिति का मानना है कि इस सांस्कृतिक परंपरा का उद्देश्य भक्तों को शिव‑पार्वती विवाह की पौराणिक कथा से जोड़ना और महाकाल की दिव्य लीला का अनुभव कराना है.