PM Modi Meeting नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच Narendra Modi ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर हाई-लेवल बैठक बुलाई। प्रधानमंत्री आवास ‘7 लोक कल्याण मार्ग’ पर हुई इस बैठक में पेट्रोलियम, कच्चा तेल, गैस, बिजली और उर्वरक क्षेत्रों की स्थिति की व्यापक समीक्षा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य देश में आवश्यक संसाधनों, तेल, गैस और खादकी निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना और संभावित संकट से निपटने की रणनीति तैयार करना था। सरकार इस समय पूरी तरह अलर्ट मोड में है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
बैठक में शामिल प्रमुख मंत्री:
इस अहम बैठक में कई वरिष्ठ मंत्री शामिल हुए, जिनमें Amit Shah (गृह मंत्री), Rajnath Singh (रक्षा मंत्री), S. Jaishankar (विदेश मंत्री), Nirmala Sitharaman (वित्त मंत्री), Shivraj Singh Chouhan (कृषि मंत्री), JP Nadda (स्वास्थ्य एवं रसायन-उर्वरक मंत्री), Hardeep Singh Puri (पेट्रोलियम मंत्री), Mansukh Mandaviya (श्रम मंत्री) सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
ऊर्जा संकट और वैश्विक असर:
प्रधानमंत्री मोदी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने वैश्विक ऊर्जा संकट को जन्म दिया है। हालिया घटनाओं, खासकर Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से स्थिति और गंभीर हो गई है। यह समुद्री मार्ग दुनिया की लगभग 20% ऊर्जा आपूर्ति का प्रमुख केंद्र है, ऐसे में यहां किसी भी तरह की बाधा का सीधा असर भारत समेत कई देशों पर पड़ता है।
सप्लाई चेन पर सरकार की रणनीति:
सरकार सप्लाई चेन में आई बाधाओं को दूर करने के लिए सक्रिय कदम उठा रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक स्तर पर उत्पन्न रुकावटों को कम करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। भारत ने इस संकट को देखते हुए कई देशों सऊदी अरब, यूएई, कतर, कुवैत और अन्य सहयोगी देशों के साथ संवाद भी तेज किया है, ताकि ऊर्जा आपूर्ति बनी रहे। LPG और PNG को लेकर राहत सरकार के अनुसार घरेलू LPG सिलेंडर की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। पैनिक बुकिंग में कमी आई है। कमर्शियल LPG का अतिरिक्त आवंटन किया गया है। अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता दी जा रही है साथ ही पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन का विस्तार तेजी से किया जा रहा है, ताकि लोगों को वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत उपलब्ध हो सके।
जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्ती:
सरकार ने LPG की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए देशभर में सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। कई जगहों पर छापेमारी की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
भारतीयों की सुरक्षा पर फोकस:
मिडिल ईस्ट में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है। भारतीय दूतावास लगातार संपर्क में हैं और जरूरत पड़ने पर नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने की व्यवस्था भी की जा रही है। मिडिल ईस्ट संकट के बीच भारत सरकार हर स्तर पर तैयार नजर आ रही है। ऊर्जा आपूर्ति से लेकर आम नागरिकों की जरूरतों तक, हर पहलू पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है ताकि देश पर किसी भी संकट का असर न्यूनतम रहे।