नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र का दूसरा दिन भी राजनीतिक टकराव और जोरदार हंगामे के नाम रहा। विपक्ष ने NEET परीक्षा, छात्रों के प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई और अन्य मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ लगातार विरोध दर्ज कराया। शोर-शराबे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी और अंततः दोनों सदनों की बैठक अगले दिन तक के लिए टाल दी गई।
शुरुआत से ही विपक्ष का विरोध
मंगलवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी। लोकसभा में अध्यक्ष की अपील के बावजूद स्थिति सामान्य नहीं हो सकी। पहले कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक और फिर 2 बजे तक स्थगित की गई। दोबारा बैठक शुरू होने पर भी गतिरोध बना रहा, जिसके चलते दिनभर की कार्यवाही समाप्त करनी पड़ी।
राज्यसभा में भी विपक्ष ने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन जारी रखा। लगातार व्यवधान के कारण उच्च सदन की कार्यवाही भी सुचारु रूप से नहीं चल सकी।
राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
संसद परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और सरकार को इस विषय पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
खड़गे ने चर्चा कराने की मांग की
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि विपक्ष केवल महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दों पर चर्चा चाहता है। उनका कहना था कि यदि संसद में इन विषयों पर बहस नहीं होगी तो जनता की आवाज कैसे उठाई जाएगी।
सरकार-विपक्ष में टकराव जारी
मानसून सत्र की शुरुआत से ही कई मुद्दों को लेकर सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं। राजनीतिक दलों के बीच बढ़ते टकराव के कारण सदन की कार्यवाही प्रभावित हो रही है। अब सभी की नजर अगले दिन की बैठक पर है कि क्या संसद सुचारु रूप से चल पाएगी या गतिरोध जारी रहेगा।