MP School Education: मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों में पदस्थ उन शिक्षकों के लिए एक बेहद जरूरी और कड़क खबर है जो हाजिरी लगाकर गायब हो जाते थे। स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की लेटलतीफी और 'बंक' मारने की आदत पर पूरी तरह लगाम कसने के लिए हमारे शिक्षक मोबाइल ऐप को पूरी तरह अपडेट कर दिया है। अब शिक्षकों के लिए केवल सुबह स्कूल आकर ई-अटेंडेंस देना काफी नहीं होगा, बल्कि स्कूल की छुट्टी होने के बाद परिसर से ही 'लॉग आउट' करना भी अनिवार्य कर दिया गया है।
क्यों उठाना पड़ा यह कदम?
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा हाल ही में किए गए एक गोपनीय डिजिटल सर्वे में बेहद चौंकाने वाली हकीकत सामने आई थी। विभाग ने जब अचानक ऑनलाइन डेटा चेक किया, तो स्कूल की छुट्टी के समय करीब 50 फीसदी शिक्षकों की लाइव लोकेशन उनके अलॉटेड स्कूल परिसर से काफी दूर मिली। कई शिक्षक सुबह-सुबह ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में पहुंचकर ई-अटेंडेंस मार्क कर देते थे और फिर कुछ ही देर बाद चुपके से अपने घरों या शहरों की तरफ रवाना हो जाते थे। मोबाइल ऐप में हुए इस नए अपडेट के बाद अब शिक्षकों की चालाकी नहीं चलेगी। ऐप अब शिक्षकों की जीपीएस लोकेशन को ट्रैक करेगा।
अब 6 घंटे की ड्यूटी करना अनिवार्य
नए नियमों के मुताबिक, प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को अब रोजाना 6 घंटे की अनिवार्य ड्यूटी स्कूल परिसर में रहकर ही पूरी करनी होगी। सुबह स्कूल आते समय ऐप पर 'लॉग इन' करना होगा और स्कूल का समय पूरा होने के बाद वहीं खड़े रहकर 'लॉग आउट' करना होगा। अगर कोई शिक्षक छुट्टी होने से पहले स्कूल की परिधि से बाहर जाकर लॉग आउट करने की कोशिश करेगा, तो ऐप उसे स्वीकार नहीं करेगा और उस दिन को अनाधिकृत अवकाश मानकर वेतन काटने की कार्रवाई की जा सकती है।
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