वडोदरा। गुजरात की मांजलपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर अपनी मजबूत पकड़ साबित कर दी है। बीजेपी प्रत्याशी सतेंद्रभाई पटेल ने कांग्रेस उम्मीदवार भीखाभाई रबारी को 30,499 वोटों के बड़े अंतर से हराकर सीट अपने नाम कर ली। इस जीत के साथ ही वर्ष 2012 से इस सीट पर बीजेपी का लगातार जीत का सिलसिला बरकरार है।
मतगणना के पहले राउंड से मिली बढ़त रही कायम
30 जुलाई को हुए मतदान के बाद सोमवार सुबह वडोदरा के मकरपुरा स्थित मतगणना केंद्र में वोटों की गिनती शुरू हुई। शुरुआती राउंड से बढ़त बनाने वाले बीजेपी उम्मीदवार सतेंद्रभाई पटेल ने पूरे 19 राउंड तक अपनी बढ़त कायम रखी।
अंतिम परिणाम में सतेंद्रभाई पटेल को 55,084 वोट, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी भीखाभाई रबारी को 24,585 वोट मिले। वहीं NOTA के पक्ष में 2,223 मत दर्ज किए गए। पोस्टल बैलेट में भी बीजेपी को कांग्रेस की तुलना में अधिक समर्थन मिला।
कम मतदान के बावजूद बीजेपी को मिली बड़ी जीत
इस उपचुनाव में मतदान प्रतिशत केवल 37.5 फीसदी रहा, जिसे लेकर चुनाव से पहले कई तरह की चर्चाएं थीं। कम मतदान के बावजूद बीजेपी ने बड़ी जीत दर्ज कर यह संकेत दिया कि मांजलपुर सीट पर उसका जनाधार अभी भी मजबूत बना हुआ है।
जीत के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाते हुए विजय रैली निकाली। विजयी उम्मीदवार सतेंद्रभाई पटेल ने कहा कि जनता ने विकास कार्यों और पार्टी की नीतियों पर भरोसा जताया है।
हार के बाद कांग्रेस ने उठाए सवाल
परिणाम आने के बाद कांग्रेस ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए। पार्टी नेताओं का आरोप है कि मतदान के दिन कुछ शिकायतों के बावजूद चुनाव आयोग ने कार्रवाई नहीं की। कांग्रेस का कहना है कि कम मतदान का असर परिणाम पर पड़ा, हालांकि पार्टी ने पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में अपने वोट शेयर में बढ़ोतरी का दावा भी किया।
योगेश पटेल के निधन के बाद हुआ था उपचुनाव
मांजलपुर सीट बीजेपी के वरिष्ठ नेता और विधायक योगेश पटेल के निधन के बाद रिक्त हुई थी। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने इस सीट पर एक लाख से अधिक वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी। इससे पहले 2012 और 2017 में भी यह सीट बीजेपी के कब्जे में रही थी। ताजा नतीजे ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया कि मांजलपुर विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी का राजनीतिक वर्चस्व कायम है।