मुकेश प्रजापति, भैरूंदा: मध्य प्रदेश में शासकीय नियमों को ताक पर रखकर रिहायशी इलाकों में ज्वलनशील पदार्थों के अवैध कारोबार और भंडारण करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन ने हंटर चलाना शुरू कर दिया है। सीहोर जिले के भैरूंदा अनुभाग अंतर्गत आने वाले ग्राम छीपानेर में एक घर के अंदर अवैध रूप से संचालित किए जा रहे डीजल के मिनी-डिपो पर प्रशासनिक टीम ने आधी रात को छापामार कार्रवाई को अंजाम दिया है। भैरूंदा एसडीएम सुधीर कुशवाहा को मिली गोपनीय सूचना के बाद हुई इस बड़ी घेराबंदी में 2,640 लीटर अवैध डीजल के जखीरे को जब्त करने में बड़ी सफलता हाथ लगी है।
12 टंकियों में छुपाया था मौत का सामान
एसडीएम के निर्देश पर नायन तहसीलदार आरती सोलंकी ने राजस्व निरीक्षक गोपालपुर और जिला खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की संयुक्त स्पेशल टास्क फोर्स को साथ लेकर ग्राम छीपानेर में दबिश दी। टीम ने जब चिन्हित आरोपी शिवम गंधवाने पिता रामचन्दर गंधवाने के मकान के अंदर सघन सर्चिंग की, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। घर के गुप्त हिस्से में प्लास्टिक और लोहे की 12 बड़ी कस्टमाइज्ड टंकियां कतार से रखी हुई थीं।
2,640 किलोग्राम की खेप जब्त
राजस्व अमले ने जब इन टंकियों की माप की, तो प्रत्येक टंकी में लगभग 220 किलोग्राम (लीटर) के हिसाब से कुल 2640 किलोग्राम अवैध डीजल भरा हुआ पाया गया, जिसे बिना किसी फायर सेफ्टी या पेट्रोलियम लाइसेंस के रिहायशी बस्ती के बीच रखा गया था। जब नायब तहसीलदार आरती सोलंकी और खाद्य विभाग के निरीक्षकों ने मौके पर ही आरोपी शिवम गंधवाने को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की, तो आरोपी ने कबूल किया कि उसने यह भारी मात्रा में डीजल बिना किसी विधिक बिल और डाक्यूमेंट्स के सीहोर स्थित जीआरआईएल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड से हासिल किया था।
ब्लैक मार्केट में खपाने की तैयारी
इस अवैध भंडारण का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के स्थानीय किसानों, डंपर चालकों और भारी वाहनों को पेट्रोल पंप के निर्धारित विधिक रेट से अलग ब्लैक मार्केट में ऊंचे दामों पर बेचना था। प्रशासन ने पूरे डीजल की खेप को पंचनामा बनाकर जब्त कर लिया। सुरक्षा के लिहाज से इस पूरे जखीरे को छीपानेर किसान सेवा केंद्र के प्रबंधन की सुपुर्दगी में जमा करवा दिया गया है।
कठोर कार्रवाई की तैयारी
भैरूंदा एसडीएम सुधीर कुशवाहा ने बताया कि आरोपी के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम और पेट्रोलियम एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज करने के लिए कलेक्टर न्यायालय को रिपोर्ट भेजी जा रही है। इस अवैध सप्लाई चेन में शामिल GRIL इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के स्थानीय प्रबंधकों की भूमिका की भी बारीकी से जांच की जाएगी कि उन्होंने इतनी बड़ी मात्रा में कमर्शियल डीजल एक निजी व्यक्ति को किस आधार पर जारी किया।
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