खंडवा : देशभर में महाशिवरात्रि का पर्व कल यानि की 26 जनवरी को धूम धाम के साथ मनाया जायेगा। जिसको लेकर शिव मंदिरों में तैयारी शुरू कर दी गई है। इसी कड़ी में महाशिवरात्रि के पर्व को लेकर खंडवा स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में भक्तों के लिए कल 24 घंटे मंदिर के पट खुले रहेंगे। तो वही उज्जैन में महाशिवरात्रि के पर्व पर 44 घंटे बाबा महाकाल भक्तों को दर्शन देंगे। दोनों ज्योतिलिंग पर श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गए है।
ओंकारेश्वर में महापर्व के रूप में मनेगी महाशिवरात्रि
बता दें कि साल में सिर्फ एक बार महाशिवरात्रि पर ओंकारेश्वर मंदिर के पट भक्तों के दर्शन के लिए 24 घंटे खुले रहेंगे। इतना ही नहीं शिवरात्रि पर मंदिर में फूलों से सजावट और तीर्थनगरी तथा घाटों को रोशनी से जगमगया जायेगा। अलसुबह ढोल नगाड़ों के साथ संत महात्मा शोभायात्रा निकालेंगे। महाशिवरात्रि पर 2 लाख से ज्यादा भक्तों के ओंकारेश्वर पहुंचने की संभावना है। ओंकारेश्वर मंदिर देश के 12 ज्योतिर्लिंग में से चौथे स्थान पर है। जिसके दर्शन के लिए दूर दर्ज से लोग खण्डवा पहुंचते है।
भारी वाहनों के आगमन पर प्रतिबंद
बता दें कि ओंकारेश्वर मंदिर में भक्तों के आगमन को देखते हुए खण्ड़वा - इंदौर राजमार्ग पर भारी वाहनों के आगमन पर प्रतिबंद लगा दिया गया है। ये प्रतिबंध 25 फरवरी की शाम 7 बजे से 26 फरवरी की रात 12 बजे तक रहेगा। श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए पुलिस के 300 जवान यातायात और सुरक्षा व्यवस्था संभालेगा। मंदिर परिसर के अलग-अलग पॉइंट पर पुलिस जवान तैनात किए गए हैं। नर्मदा के घाटों पर होमगार्ड के साथ गोताखोरों की टीमें तैनात की गईं हैं।
रात 2.30 बजे खुलेंगे मंदिर के पट
इसके साथ ही महाशिवरात्रि पर्व पर विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में लाखों श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। जिसको देखते हुए जहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गए है। तो वही मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात 2.30 बजे भगवान महाकाल मंदिर के पट भक्तों के दर्शन के लिए खोल दिए जायेंगे। करीबन 44 घंटे बाबा महाकाल भक्तों को दर्शन देंगे।
12 रास्तों पर वाहन प्रतिबंधित
महाकाल की नगरी में शिव नवरात्रि का महोत्सव मन रहा है. इसी दौरान 25 से 27 फरवरी तक यातायात को नियंत्रित करने और जाम से बचने के लिए 12 रास्तों पर सभी प्रकार के वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा. 10 स्थानों पर बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की गाड़ियों के लिए पार्किंग व्यवस्था की गई है. भारी वाहनों का रूट डायवर्ट कर बाईपास से निकाला जाएगा, ताकि ट्रैफिक जाम न हो।