हर साल फाल्गुन मास में बनाया जाने वाला महाशिवरात्रि (Maha Shivratri 2022) का पर्व का महत्व खास है। इस दिन शिव और माता पार्वती की विशेष पूजा और अर्चना की जाती है। इस बार महाशिवरात्रि सुबह 3 बजकर 16 मिनट से शुरु होगी। इस पावन दिन पर रूद्राभिषेक करने से सभी की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। वहीं हिंदू धर्म में आस्था रखने वालों के बीच महाशिवरात्रि के दिन पूरी श्रद्धा-भक्ति और विधिपूर्वक पूजन करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है। इस वर्ष शिवरात्रि के शुभ मुहूर्त और पूजन विधि के बारे में जानिए।
भगवान शिव की पूजा करने से मिलता है लाभ
कहते हैं कि, भगवान शिव संघार से पहले सृजन के देवता हैं। वहीं महाशिवरात्रि के दिन शिव और मां पार्वती का विवाह हुआ था, इसलिए हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि का अपना ही महत्व है। इस महारात्रि को सृजन और साधना की महारात्रि के रूप में मनाया जाता है। तंत्र साधक महानिशा के अलावा महाशिवरात्रि को लोग पूरी रात बिना सोए साधना में लीन रहते हैं। कहते हैं, इस दिन भगवान शिव की पूजा करने का जो लाभ मिलता है, वह पूरे साल की गई पूजा के बराबर होता है।
लेकिन कई लोग इस देश में ऐसे भी हैं जिन्हें इस दिन पूजन की सही विधि और शुभ मुहूर्त का ज्ञान नहीं होता है। इसलिए आज हम आपको इसकी पूजन विधि और शुभ मुहूर्त बताएंगे।
पूजन विधि और शुभ मुहूर्त
दरअसल हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन महीने की कृष्ण पक्ष के चतुर्दशी को आने वाली शिवरात्रि के दिन पूजा के लिए शुभ मुहूर्त का सवाल है, तो इस दिन तड़के 3 बजकर 16 मिनट से 2 मार्च रात 1 बजे तक महाशिवरात्रि की पूजा का योग है। वहीं बता दें कि, इस बार महाशिवरात्रि के दो शुभ योग बन रहे हैं। महाशिवरात्रि को परियोग दिन में 11 बजकर 18 मिनट तक है। इसके बाद शिव योग प्रारंभ हो जाएगा जो 2 मार्च को प्रातः 8 बजकर 21 मिनट तक रहेगा। महाशिवरात्रि के दिन भक्त, देशभर की पवित्र नदियों से जल लाकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। इस दिन पूरे देश के शिव मंदिरों में भक्तों का तांता लगा होता है।
बन रहा शुभ पंचग्रही योग
बहुत सालों के बाद इस साल महाशिवरात्रि पर पंचग्रही योग बन रहा है। पंचग्रही योग किस्मत पलटने वाला योग सिद्ध होता है। महाशिवरात्रि के दिन खासकर मकर राशि में मंगल, शनि, चंद्रमा, शुक्र और बुध ग्रह एक साथ उपस्थित होकर पंचग्रही योग का निर्माण कर रहे हैं। इस शुभ योग में पूजन करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
शिवजी को प्रिय पूजन सामग्री
महाशिवरात्रि का पूरा दिन ही शिवपूजन के लिए शुभ माना जाता है। इसलिए जब भी मौका मिले पूजा कर सकते हैं। पूजन विधिपूर्वक और शिवजी की प्रिय वस्तुओं से ही करनी चाहिए। वहीं महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर शिवलिंग पर बेलपत्र जरूर चढ़ाना चाहिए। भगवान शिव इससे बहुत जल्दी प्रसन्न होते हैं। अगर आपको इस दिन पूजा के लिए बेलपत्र ना मिले तो कोई बात नहीं, पीपल के पत्ते से भी इस दिन भगवान शिव की पूजा की जा सकती है। पीपल के पत्ते भी भगवान शिव को पसंद हैं। धतुरा तो शिवजी को अतिप्रिय है। भांग भी उन्हें बहुत पसंद है।
कहते हैं, समुद्र मंथन से जो विष निकला था, उस विष को भगवान शिव ने धरती को बंजर होने और देवताओं को विनाश से बचाने के लिए खुद पी लिया था। यह विष इतना ज्यादा गर्म था कि भगवान शिव को बहुत ज्यादा गर्मी लगने लगी। इस गर्मी से राहत पाने के लिए उन्होंने इस दिन भांग और दूध का सेवन किया था। तब से उनके भक्त भी महाशिवरात्रि को भांग का सेवन करते हैं और उन्हें दूध अर्पित करते हैं।