पटना। चर्चित शिक्षक और खान ग्लोबल स्टडीज के संस्थापक खान सर (फैजल खान) को बड़ी कानूनी राहत मिली है। पटना सिविल कोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज मामले में अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) मंजूर कर ली है। इसी मामले में न्यायिक हिरासत में बंद उनके दोनों सुरक्षा कर्मियों (बॉडीगार्ड्स) को भी अदालत ने जमानत दे दी है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब इस मामले को लेकर पिछले कई दिनों से कानूनी प्रक्रिया जारी थी और कोर्ट ने सुनवाई पूरी होने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था।
गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ था मामला
खान सर के खिलाफ शस्त्र अधिनियम (Arms Act) और हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) समेत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। आरोपों के बाद उनके अधिवक्ता ने अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, जिस पर सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें राहत प्रदान की।
पहले सुरक्षित रखा गया था फैसला
मामले की सुनवाई पहले ही पूरी हो चुकी थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने खान सर की आपराधिक पृष्ठभूमि (Criminal History) से संबंधित जानकारी भी मांगी थी। बचाव पक्ष ने कोर्ट को बताया कि संबंधित मामले में पुलिस अपनी जांच प्रक्रिया पूरी कर चुकी थी और केस फाइल भी अंतिम रूप में प्रस्तुत की जा चुकी थी। इस प्रकरण में 10 जुलाई को भी सुनवाई प्रस्तावित थी, लेकिन जिला जज की अनुपस्थिति के कारण आदेश जारी नहीं हो सका था। इसके बाद अदालत ने सोमवार को अपना फैसला सुनाया।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला खान ग्लोबल स्टडीज संस्थान के बाहर हुई कथित गोलीबारी की घटना से जुड़ा है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद कदमकुआं थाना पुलिस ने 4 जून 2026 को कांड संख्या 418/2026 दर्ज किया था। एफआईआर में खान सर, उनके दो सुरक्षा कर्मियों और कुछ अन्य अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) और शस्त्र अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की थी।
दोनों सुरक्षा कर्मियों को भी मिली जमानत
इस मामले में पुलिस ने खान सर के दोनों सुरक्षा कर्मियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। अब अदालत के ताजा आदेश के बाद दोनों को भी जमानत मिल गई है, जिससे सभी आरोपियों को फिलहाल कानूनी राहत प्राप्त हुई है।
आगे क्या होगा?
अग्रिम जमानत मिलने का अर्थ यह नहीं है कि मामला समाप्त हो गया है। पुलिस की जांच और न्यायिक प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। अदालत में साक्ष्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की सुनवाई होगी।