Jitu Patwari Letter : प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर मध्य प्रदेश में महिलाओं और बालिकाओं के लगातार लापता होने के मामलों पर चिंता जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के गृह मंत्री बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पूरी तरह विफल साबित हुए हैं और इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है।
बेटियों की सुरक्षा पर सवाल
पत्र में पटवारी ने लिखा कि मध्य प्रदेश में पिछले करीब 22 सालों से भारतीय जनता पार्टी की सरकार है, लेकिन इस दौरान महिलाओं की स्थिति लगातार बदतर हुई है। उन्होंने विधानसभा में प्रस्तुत आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 2020 से 28 जनवरी 2026 तक प्रदेश में कुल 2,06,507 महिलाएं और 63,793 बालिकाएं लापता हुईं।
इंदौर से 5 हजार महिलाएं लापता
इनमें से 47,984 महिलाएं और 2,186 बालिकाएं अब तक खोजी नहीं जा सकी हैं। पटवारी ने दावा किया कि अकेले इंदौर से करीब 5 हजार लापता महिलाओं और बालिकाओं का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। धार जैसे आदिवासी बहुल जिले में भी 2,500 से अधिक महिलाएं और बालिकाएं अब तक लापता हैं। भोपाल, जबलपुर और छिंदवाड़ा सहित कई जिलों के आंकड़े पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हैं।
विफलता का आरोप
पटवारी ने कहा कि यह स्थिति केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि सरकार के नाकारेपन का प्रमाण है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस खोजबीन के नाम पर केवल औपचारिकता निभा रही है। उन्होंने आशंका जताई कि जिस तरह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानव तस्करी और संगठित अपराधों के मामले सामने आ रहे हैं, उसी तरह प्रदेश में भी किसी बड़े रैकेट की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
गृहमंत्री से हस्तक्षेप की मांग
पटवारी ने अमित शाह से आग्रह किया है कि वे मामले का संज्ञान लेकर मध्य प्रदेश सरकार को बेटियों की सुरक्षा के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दें। साथ ही उन्होंने प्रदेश को जिम्मेदार और सक्षम गृह मंत्री देने की दिशा में आवश्यक निर्णय लेने की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ केवल नारा नहीं, बल्कि ज़मीनी हकीकत बनना चाहिए। योजनाएं चलाने के साथ-साथ बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।