भोपाल : मध्य प्रदेश के विधानसभा के बजट सत्र के पांचवां दिन भी सदन में इंदौर दूषित पानी कांड का मुद्दा गरमाया। जहां विपक्ष ने सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए गलत जानकारी देने के आरोप लगाएं और कहा कि सरकार जवाब देने से बच रही है। लोगों को साफ पानी देना सरकार की जिम्मेदारी है। लेकिन सरकार ने तो लोगों को काला पानी पिला दिया।
भागीरथपुरा में 30 से अधिक लोगों की हुई मौत
इंदौर के भागीरथ पुरा में 30 से अधिक लोगों की हुई मौत को लेकर जयवर्धन सिंह ने सरकार पर गलत जानकारी देने के आरोप लगाते हुए कहा कि इंदौर के भागीरथ पुरा मामले में पहले 20 लोगों की मृत्यु दिखाई गई, फिर बाद में 32 लोगों की मृत्यु की रिपोर्ट दी गई। सरकार भागीरथपुरा मामले पर बात करने से बच रही है।
सरकार सदन में चर्चा से भाग रही
जयवर्धन सिंह ने आगे कहा कि विपक्ष स्थगन प्रस्ताव लेकर आया है। भागीरथपुरा में मृतकों के परिजन मुआवजे के लिए भटक रहे हैं। लेकिन लोगों को मुआवजा नहीं मिला और सरकार सदन में चर्चा से भाग रही है।
दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की गई
तो वही मुद्दें को लेकर नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि घटना के बाद सरकार ने तुरंत कार्रवाई की। पीड़ितों के इलाज, पानी की जांच और नई पाइपलाइन का काम शुरू किया गया है और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई भी की गई है।
जांच के लिए कमेटी बनाई गई
कैलाश विजयवर्गीय ने आगे कहा कि मामले को लेकर पहले लोगों द्वारा शिकायत की गई थी। लेकिन काम समय पर शुरू नहीं हो पाया। जांच के लिए कमेटी बनाई गई, जिसमें कुछ अधिकारी दोषी पाए गए। उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।