Bhopal Cow Slaughter : राजधानी भोपाल में सामने आए गौ हत्या के मामलों को लेकर प्रदेश में सियासत तेज हो गई है। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि एक तरफ सरकार खुद को गौ हितैषी बताती है, वहीं दूसरी ओर राजधानी में खुलेआम गायों की हत्या हो रही है।
सरकार की मंशा पर सवाल
जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि प्रदेश में लगातार गायों की मौत हो रही है, लेकिन सरकार इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही। उन्होंने कहा कि सरकार ने गायों की तस्करी से जुड़े कॉमर्स पर 0 प्रतिशत टैक्स लगाया है, जो उसकी मंशा पर सवाल खड़े करता है।
गौ माता के नाम पर राजनीति
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश में गाय के नाम पर केवल राजनीति की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने विदेशों को यह प्रमाणपत्र तक दे दिया कि उनकी मांग के अनुसार मांस उपलब्ध कराया जाएगा। पटवारी ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में 1100 गौशालाओं का निर्माण कराया गया था, लेकिन वर्तमान में गौशालाओं में भी गायों की मौतें हो रही हैं, जिसकी जिम्मेदारी सरकार को लेनी चाहिए।
किसानों की स्थिति पर सवाल
जीतू पटवारी ने किसानों की हालत पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के करीब 95 प्रतिशत किसान कर्ज में डूबे हुए हैं। सरकार को चाहिए कि वह पहले किसानों की स्थिति को लेकर श्वेत पत्र जारी करे और विपक्ष को भी किसानों के लिए योजनाएं बनाने की प्रक्रिया में शामिल करे। किसान सम्मेलनों पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में पैसे देकर बुलाए गए किसान भी नहीं पहुंचे, जो सरकार के दावों की पोल खोलता है।
न्यायिक जांच की मांग
गौ हत्या के मामलों को लेकर पटवारी ने न्यायिक जांच कराने और एक स्वतंत्र जांच समिति गठित करने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने इंदौर में कुएं में डूबकर 36 लोगों की मौत, बच्चों पर कुत्तों के हमले, अस्पतालों में आग लगने से ICU में मरीजों की मौत जैसे मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि इन घटनाओं में आज तक किसी मंत्री या अधिकारी की जवाबदेही तय नहीं हुई। उन्होंने कहा कि इंदौर दूषित पानी कांड में 23 लोगों की मौत के बाद भी सरकार मौन है और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए।