हीरा सिंह चंदेल, उमरिया : उमरिया जिले में अवैध शराब का खतरनाक असर अब मूक पशुओं पर भी दिखाई देने लगा है। चंदिया थाना क्षेत्र के बिलासपुर गांव से सामने आई घटना ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां कच्ची शराब बनाने के बाद बचे महुआ को खाने से पांच गायों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य मवेशियों की हालत बिगड़ने की बात कही जा रही है।
खुले में फेंका था महुआ
घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों के अनुसार अवैध रूप से बनाई जा रही कच्ची शराब के बाद बचे हुए महुआ को खुले में फेंक दिया गया था, जिसे गायों ने खा लिया। कुछ ही देर में गायों की हालत बिगड़ने लगी और वे तड़पने लगीं। इस दौरान का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
अगर इंसान खाता तो...
ग्रामीणों का कहना है कि जब इस जहरीले महुआ का असर मूक पशुओं पर इतना घातक साबित हुआ, तो यदि कोई व्यक्ति इसका सेवन करे तो उसकी जान पर कितना बड़ा खतरा हो सकता है। इस घटना ने अवैध शराब के कारोबार से जुड़ी गंभीर समस्याओं को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और आबकारी विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि अवैध शराब के खिलाफ समय-समय पर कार्रवाई की बात तो की जाती है, लेकिन जमीनी स्तर पर निगरानी बेहद कमजोर है। यही वजह है कि गांवों में खुलेआम कच्ची शराब बनाई जा रही है।
सिस्टम पर सवाल
एक ओर सरकार और समाज में गाय को माता का दर्जा दिया जाता है, वहीं ऐसी घटनाएं सिस्टम की संवेदनशीलता पर तमाचा साबित हो रही हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि मामले की गंभीरता से जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। फिलहाल प्रशासनिक अमला मामले की जानकारी जुटा रहा है और जांच की बात कही जा रही है।