नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार पर भी दिखाई देने लगा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दो वाणिज्यिक तेल टैंकरों पर हुए मिसाइल हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई, जबकि चालक दल के 8 सदस्य घायल हुए हैं। इस घटना ने खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं खड़ी कर दी हैं।
ओमान के जलक्षेत्र में हुआ हमला
यूएई के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह हमला ओमान के क्षेत्रीय जलक्षेत्र में उस समय हुआ जब दोनों तेल टैंकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के दक्षिणी समुद्री मार्ग से गुजर रहे थे। हमले के बाद जहाजों पर अफरा-तफरी मच गई और कई चालक दल के सदस्य घायल हो गए।मंत्रालय ने पुष्टि की है कि हादसे में एक भारतीय नाविक की जान चली गई है।
दो तेल टैंकरों को बनाया गया निशाना
यूएई के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, हमले का निशाना बने दोनों टैंकरों के नाम मोम्बासा (Mombasa) और अल बहियाह (Al Bahiyah) हैं। हमले में कुल 8 चालक दल के सदस्य घायल हुए, जिनमें 6 भारतीय नागरिक और 2 यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं। चिकित्सा अधिकारियों के अनुसार, घायलों में चार की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज जारी है।
यूएई ने हमले की कड़ी निंदा की
संयुक्त अरब अमीरात ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन बताया है। सरकार ने भारत के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को तत्काल प्रभावी कदम उठाने चाहिए। यूएई ने यह भी स्पष्ट किया कि वह अपने राष्ट्रीय हितों और नागरिकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का अधिकार सुरक्षित रखता है।
ईरान ने क्या कहा?
ईरान की सरकारी मीडिया के अनुसार, संबंधित जहाज कथित रूप से ईरानी नौसैनिक नियमों का उल्लंघन कर रहे थे। ईरानी पक्ष का दावा है कि कार्रवाई का उद्देश्य जहाजों को चेतावनी देना और रोकना था, न कि उन्हें पूरी तरह नष्ट करना। हालांकि, इस दावे पर यूएई की ओर से सहमति नहीं जताई गई है।
क्यों महत्वपूर्ण है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल है। वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की बड़ी मात्रा इसी मार्ग से होकर गुजरती है। ऐसे में यहां किसी भी सैन्य कार्रवाई का असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार, समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा पर पड़ सकता है।
स्थिति पर दुनिया की नजर
इस घटना के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऐसे हमले जारी रहे तो वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार प्रभावित हो सकता है। फिलहाल संबंधित देशों की ओर से हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।