मुख्य चुनाव आयुक्त Gyanesh Kumar के खिलाफ कांग्रेस का देशव्यापी विरोध प्रदर्शन शुक्रवार को कई राज्यों में देखने को मिला। कांग्रेस ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) को लेकर सवाल उठाते हुए Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग की। कांग्रेस के आह्वान पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने अलग-अलग राज्यों में राज्य चुनाव आयोग के कार्यालयों की ओर मार्च किया। गुवाहाटी, चंडीगढ़, पटना, लखनऊ समेत कई शहरों में प्रदर्शन हुए। कुछ स्थानों पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की, जबकि पटना और चंडीगढ़ में वाटर कैनन के इस्तेमाल की रिपोर्ट सामने आई है।
कांग्रेस ने लगाया फैसलों में पारदर्शिता की कमी का आरोप
कांग्रेस का कहना है कि चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया और SIR से जुड़े मामलों को लेकर कई सवाल उठे हैं। पार्टी ने Gyanesh Kumar के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ उनके कार्यकाल में हुए मतदाता सूची से जुड़े फैसलों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग भी उठाई है।
कांग्रेस ने 25 सितंबर को देशभर में प्रदर्शन करने का ऐलान पहले ही कर दिया था। पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल के मुताबिक, राज्य इकाइयों और जिला कांग्रेस समितियों को अपने-अपने क्षेत्रों में राज्य चुनाव आयोग कार्यालयों तक मार्च निकालने को कहा गया था।
पटना में बैरिकेडिंग के बाद वाटर कैनन
पटना में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर मार्च करने की कोशिश की। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी।
प्रदर्शन के दौरान स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की भी जानकारी सामने आई है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस दौरान Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी की।
चंडीगढ़ में भी प्रदर्शन, पुतला फूंका
चंडीगढ़ में यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने Gyanesh Kumar के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान CEC का पुतला जलाया गया और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग उठाई गई।
स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने, नए मतदाताओं के पंजीकरण और चुनावी डेटा से जुड़े मामलों को लेकर सवाल उठाए।
गुवाहाटी में गौरव गोगोई समेत कई नेता हिरासत में
असम के गुवाहाटी में भी कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। यहां पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने Gyanesh Kumar को हटाने की मांग को लेकर विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई समेत कुछ नेताओं को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है।
देश के दूसरे हिस्सों में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन किया और SIR से जुड़े मुद्दों पर अपना विरोध दर्ज कराया।
लखनऊ में बारिश के बीच प्रदर्शन
लखनऊ में बारिश के बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदर्शन के लिए सड़कों पर उतरे। पार्टी कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग की ओर मार्च करने की कोशिश की और Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग को लेकर नारे लगाए।
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई और आगे बढ़ रहे कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की।
आखिर SIR को लेकर क्या है विवाद?
इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि में मतदाता सूची के Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर सामने आई एक रिपोर्ट है।
The Indian Express की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयोग के तीन सदस्यीय पैनल में चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कई मौकों पर कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं को लेकर आपत्तियां दर्ज की थीं। रिपोर्ट में ऐसी कम से कम 14 आपत्तियों का उल्लेख किया गया है।
रिपोर्ट में मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने, नए मतदाताओं के पंजीकरण तथा चुनावी डेटा और तकनीकी प्रणालियों से जुड़े मुद्दों का उल्लेख किया गया।
चुनाव आयोग ने रखा अपना पक्ष
इन रिपोर्टों और विपक्षी दलों के आरोपों के बीच चुनाव आयोग का पक्ष अलग है। आयोग ने कहा है कि SIR समेत उसके फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की स्वीकृति से लिए गए हैं और आंतरिक विचार-विमर्श में अलग-अलग राय सामने आना निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा है।
यानी एक तरफ विपक्षी दल आयोग के भीतर कथित मतभेदों और SIR की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे हैं, वहीं चुनाव आयोग इन दावों को स्वीकार नहीं करता और अपनी निर्णय प्रक्रिया का बचाव कर रहा है।
राहुल गांधी ने भी मांगा Gyanesh Kumar का इस्तीफा
इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी 24 सितंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग की थी। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर गंभीर आरोप लगाए।
कांग्रेस ने इसके साथ ही विपक्षी दलों से संपर्क कर संसद में Gyanesh Kumar को हटाने के लिए प्रस्ताव लाने की संभावना पर भी चर्चा की है। रिपोर्टों के मुताबिक, इस संबंध में विपक्षी दलों के बीच बातचीत चल रही है।
फिलहाल Gyanesh Kumar को लेकर राजनीतिक विवाद सड़क से लेकर संसद तक पहुंच चुका है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल जहां इस्तीफे और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, वहीं चुनाव आयोग अपनी प्रक्रिया को लेकर अपना पक्ष रख रहा है।