मंदसौर : मध्य प्रदेश के मंदसौर में नहाने के दौरान एक जीआरपी आरक्षक की मौत हो गई। कांस्टेबल अपने 4 साथियों के साथ नहाने के लिए नदी में गए थे। जहां गहराई में सामने नहीं वजह से उनकी मौत हो गई। हैरानी की बात यह है कि मौके पर उनके साथी मौजूद थे। लेकिन उन्होंने भी उसे बचाने का प्रयास नहीं किया। जिससे मामला ज्यादा संगीन हो गया है।
शामगढ़ जीआरपी थाने पर पदस्थ था आरक्षक
बताया जा रहा है कि मृतक आरक्षक जितेंद्रसिंह शामगढ़ जीआरपी थाने पर पदस्थ थे और अपने साथियों के साथ चंबल नदी के बैकवाटर स्थित बंजारी गांव में गए हुए थे। इस दौरान कांस्टेबल नहाने के लिए नदी में उतरे और गहरे पानी में सामने लगे। चीख-पुकार की आवाज सुनकर ग्राम कोटवार विनोद सिंह चंदरावत मौके पर पहुंचे और कांस्टेबल को बचाने का प्रयास किया। लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।
ग्रामीणों ने कांस्टेबल को नदी में जाने से माना किया
इधर, घटना को लेकर ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने कांस्टेबल को नदी में जाने से माना किया था। लेकिन उन्होंने एक न सुनी और मौत के मुंह में समां गए। हैरानी की बात यह है कि जब जितेंद्रसिंह पानी में डूब रहे थे। तो उनके साथियों ने उसे बचाने का प्रयास नहीं किया। बल्कि विनोद सिंह को बताया कि उसका दोस्त डूब रहा है। जिसके बाद ग्राम कोटवार ने तत्काल पुलिस को सूचना दी और ग्रामीणों की मदद से नदी में तलाश शुरू कर तट से करीब 25 फीट दूर और 15 फीट गहरे पानी से जवान को बाहर निकाला।
मामले की हर पहलू से जांच की जा रही
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आगे की कार्रवाई जारी है। बताया जा रहा है कि जितेंद्र यादव की शादी एक वर्ष पूर्व ही हुई थी और उनका स्थानांतरण दो दिन पहले शामगढ़ से नागदा हुआ था। प्राथमिक तौर पर मौत का कारण पानी में डूबना बताया गया है। लेकिन गरोठ पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।