रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर को मेट्रो सिटी की तर्ज पर विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट किया कि राजधानी के विकास में धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी और जनभावना के अनुरूप आधुनिक नागरिक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। मंगलवार को मंत्रालय स्थित महानदी भवन में आयोजित रायपुर शहर एवं आसपास के क्षेत्रों के समग्र विकास को लेकर हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने सड़क, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य, स्वच्छता और यातायात जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए ठोस रोडमैप तय किया।
नगरीय निकायों को ढाई गुना अधिक संसाधन:
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि शहरी अधोसंरचना विकास के लिए नगरीय निकायों को पहले की तुलना में ढाई गुना अधिक वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे राजधानी क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध विकास संभव हो सकेगा।
तेजी से बढ़ते शहरीकरण पर सरकार का फोकस:
उन्होंने कहा कि बढ़ते शहरीकरण के कारण रायपुर में यातायात, आवास, जल आपूर्ति और सार्वजनिक सेवाओं पर दबाव बढ़ रहा है। इसे देखते हुए अल्पकालिक और दीर्घकालिक योजनाओं पर एक साथ काम करना आवश्यक है, ताकि आने वाले दशकों तक शहर की जरूरतें पूरी हो सकें।
रेलवे, नगर निगम और PWD में समन्वय के निर्देश:
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि रायपुर का समग्र विकास तभी संभव है जब नगर निगम, रेलवे और लोक निर्माण विभाग (PWD) आपसी समन्वय के साथ योजनाबद्ध ढंग से कार्य करें। साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए जमीनी मुद्दों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
ड्रेनेज, अतिक्रमण और स्वास्थ्य अधोसंरचना पर चर्चा:
बैठक में शहर के ड्रेनेज सिस्टम, प्रमुख चौक-चौराहों पर अतिक्रमण, निगम द्वारा निर्मित व्यवसायिक परिसरों में खाली दुकानों के पुनर्विक्रय, स्वास्थ्य अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण और मेकाहारा मेडिकल कॉलेज की सुविधाओं के उन्नयन जैसे अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
भविष्य की जरूरतों के अनुरूप परियोजनाएं:
मुख्यमंत्री साय ने अंडरग्राउंड विद्युत लाइनें, नए सड़क मार्ग, फ्लाईओवर, सार्वजनिक भवन और स्टेडियम निर्माण जैसी प्रस्तावित परियोजनाओं पर भी दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित विभागों को आवश्यक प्रस्ताव शीघ्र मुख्य सचिव कार्यालय भेजने और तय समयसीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में ये प्रमुख नेता रहे मौजूद:
इस उच्चस्तरीय बैठक में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, वन मंत्री केदार कश्यप, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, कौशल उन्नयन मंत्री खुशवंत साहेब, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर दक्षिण विधायक सुनील सोनी, महापौर मीनल चौबे सहित कई वरिष्ठ मंत्री, विधायक और अधिकारी उपस्थित रहे।