उज्जैन : बाबा महाकाल के दर्शन के लिए आए दिन देश दुनिया भर से भक्त उज्जैन पहुंचते है। इसी कड़ी में आज पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भी उज्जैन पहुंचे और विधि विधान से पूजा अर्चना कर बाबा का आशीर्वाद भी लिया।
दर्शन से अहंकार, ईर्ष्या का होता है त्याग
इधर, दर्शन के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए धनखड़ ने कहा कि देश में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है और धार्मिक स्थलों पर बेहतर प्रबंधन व विकास कार्य प्रशंसनीय हैं। उन्होंने मंदिर की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि यहां आकर मन को अद्भुत शांति का अनुभव होता है। उन्होंने कहा कि महाकाल के दरबार में आने से अहंकार, ईर्ष्या और प्रतिशोध जैसी भावनाओं का त्याग हो जाता है।
गर्भ गृह की चौखट में टेका माथा
वही दर्शन के बाद मंदिर प्रशासन ने जगदीप धनखड़ का स्वागत और सत्कार किया। धनखड़ मंदिर में करीब 2 - 3 घंटे तक रहे। इसके बाद वो रवाना हो गए। धनखड़ ने नंदी हॉल में बैठकर न सिर्फ शिव साधना की, बल्कि गर्भ गृह की चौखट से माथा टेक भगवान का आशीर्वाद लिया।