मध्यप्रदेश में बारिश के बीच बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 11 अगस्त को होमगार्ड मुख्यालय पहुंचकर राज्य आपदा प्रबंधन के सिचुएशन रूम से प्रदेश के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लिया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उन्होंने प्रभावित इलाकों में चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी ली और बचाए गए लोगों से सीधे बातचीत कर उनका हालचाल जाना।
मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में अब तक 527 बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। राहत और बचाव दल लगातार संवेदनशील इलाकों में तैनात हैं और जरूरत के अनुसार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
सिचुएशन रूम से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने होमगार्ड मुख्यालय स्थित सिचुएशन रूम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति देखी। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से राहत एवं बचाव अभियानों की प्रगति की जानकारी ली।
सीएम ने रेस्क्यू किए गए लोगों से भी बातचीत की और उनके अनुभव तथा समस्याओं के बारे में जाना। उन्होंने मैदानी स्तर पर राहत-बचाव कार्य में जुटे कर्मचारियों और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
अब तक 527 लोगों को सुरक्षित निकाला गया
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि बारिश के कारण प्रभावित क्षेत्रों में राहत-बचाव अभियान के तहत अब तक 527 लोगों का रेस्क्यू किया जा चुका है। आपदा की स्थिति को देखते हुए रेस्क्यू टीमें लगातार सक्रिय हैं।
मुख्यमंत्री ने बचाव दलों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी टीम दिन-रात लोगों की सुरक्षा के लिए काम कर रही है।
खंडवा में 7 कांवड़ियों का भी हुआ रेस्क्यू
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि खंडवा में अचानक नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद सात कांवड़ियों के लिए खतरे की स्थिति पैदा हो गई थी। रेस्क्यू टीम ने समय रहते सभी सात कांवड़ियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ने से कई बार स्थिति गंभीर हो जाती है। ऐसे में लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।
सामान्य से 15 फीसदी कम बारिश, फिर भी कुछ इलाकों में ज्यादा असर
मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि इस बार प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 15 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि, कुछ इलाकों में अधिक बारिश होने के कारण बाढ़ जैसी परिस्थितियां बनी हैं।
उन्होंने कहा कि जहां ज्यादा बारिश हुई है, वहां प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने का काम जारी है। सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
नदी-नालों के किनारे रहने वालों से सावधानी की अपील
मुख्यमंत्री ने नदी और नालों के किनारे रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में लोग समय रहते सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। उन्होंने यह भी कहा कि आवश्यकता पड़ने पर राहत एवं बचाव अभियान के लिए पड़ोसी जिलों से भी संसाधन और टीमों की मदद ली जाएगी।
प्रदेश स्तर पर हो रही लगातार मॉनिटरिंग
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार बाढ़ और बारिश की स्थिति की प्रदेश स्तर पर लगातार निगरानी कर रही है। प्रशासन और रेस्क्यू टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में सक्रिय हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि आपदा की स्थिति में आम नागरिकों को समय पर मदद मिले और किसी भी तरह की जनहानि को रोका जा सके। राहत एवं बचाव कार्य में लगे मैदानी अमले को आवश्यक निर्देश भी दिए गए हैं।