रिपोर्टर-सोमा शर्मा//राजिम : देश में आपातकाल लागू होने की बरसी पर राजिम में आयोजित एक प्रेसवार्ता के दौरान भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त यज्ञदत्त शर्मा और राजिम विधायक रोहित साहू ने वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय बताते हुए इसे नागरिक अधिकारों पर सबसे बड़ा प्रहार बताया।
मौलिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर लगा था अंकुश
पीडब्ल्यूडी रेस्टहाउस में आयोजित प्रेसवार्ता में विधायक रोहित साहू ने कहा कि 25 जून 1975 को लगाए गए आपातकाल के दौरान देशवासियों के मौलिक अधिकारों को सीमित कर दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय प्रेस की स्वतंत्रता पर सेंसरशिप लागू की गई और बड़ी संख्या में लोगों को जेलों में बंद कर दिया गया। उनके अनुसार, यह दौर लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती साबित हुआ था।
देशहित से ऊपर रखा गया व्यक्तिगत स्वार्थ: रोहित साहू
विधायक साहू ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उस समय देशहित से अधिक एक व्यक्ति और एक परिवार के हितों को प्राथमिकता दी गई। उन्होंने कहा कि आपातकाल का फैसला लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत था और इससे देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं को गहरा आघात पहुंचा।
लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वालों को किया याद
प्रेसवार्ता के दौरान रोहित साहू ने उन युवाओं, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी याद किया जिन्होंने आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष किया था। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों की बहाली के लिए आवाज उठाने वाले सभी लोगों का योगदान देश हमेशा याद रखेगा।
भाजपा पदाधिकारी भी रहे मौजूद
कार्यक्रम में जिला भाजपा महामंत्री चंद्रशेखर साहू, नगर पालिका अध्यक्ष महेश यादव, मंडल अध्यक्ष रिकेश साहू सहित भाजपा के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। नेताओं ने लोकतंत्र की मजबूती और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए नागरिकों को जागरूक रहने का संदेश भी दिया।