Rice VS weight: हमारे खाने की थाली में चावल और रोटी दोनों ही प्रमुख जगह रखते हैं। कुछ लोग रोटी को पहली प्राथमिकता देते हैं तो कुछ लोगों के लिए चावल सबसे पसंदीदा भोजन होता है। सबसे बड़ी बात यह है कि दुनिया की करीब 75% आबादी चावल को मुख्य आहार के रूप में इस्तेमाल करती है, लेकिन इसके बाद भी यह सुनने को मिलता है कि रात के समय चावल खाना मोटापे का कारण बनता है। आखिर इसमें कितनी सच्चाई हैं? जानिए...
मेटाबॉलिज्म और रात का खाना
रात में चावल खाने को लेकर सबसे बड़ा तर्क यह दिया जाता है कि शाम के बाद मेटाबॉलिज्म स्लो हो जाता है और शरीर कैलोरी को फैट के रूप में स्टोर करने लगता है। लेकिन विशेषज्ञ इसे सही नहीं मानते है। बताया जाता है कि वजन बढ़ना इस बात पर निर्भर करता है कि आप दिनभर में कितनी कैलोरी ले रहे हैं और कितनी खर्च कर रहे हैं। अगर कैलोरी बैलेंस सही है तो रात का चावल मोटापा नहीं बढ़ाएगा। इसके अलावा नींद के दौरान भी शरीर कैलोरी जलाता है, जैसे सांस लेना, ब्लड सर्कुलेशन और मांसपेशियों की मरम्मत। यानी शरीर पूरी तरह रुकता नहीं है।
असली कारण, मात्रा और संतुलन
चावल को कार्बोहाइड्रेट की वजह से अक्सर दोषी ठहराया जाता है। लेकिन असल समस्या तब होती है जब चावल जरूरत से ज्यादा खा लिए जाते हैं और उसके साथ भारी-भरकम, ऑयली या फैट से भरपूर खाना खा लिया जाता है। एक कप पके हुए चावल में लगभग 200 कैलोरी और 45 ग्राम कार्बोहाइड्रेट होता है। अगर इसे दाल, सब्ज़ी, पनीर या चिकन जैसे प्रोटीन फूड के साथ खाया जाए तो पाचन धीमा होगा और लंबे समय तक पेट भरा रहेगा। वहीं ब्राउन राइस या रेड राइस जैसे विकल्प पोषण और फाइबर में ज्यादा समृद्ध होते हैं।
चावल और अच्छी नींद का संबंध
विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि रात को चावल खाने का एक फायदा है, नींद बेहतर होना। कार्बोहाइड्रेट से सेरोटोनिन का स्तर बढ़ता है जो नींद को गहरा करने में मदद करता है। अच्छी नींद सीधे तौर पर वजन नियंत्रण से जुड़ी होती है क्योंकि नींद पूरी होने पर अगले दिन जंक फूड की क्रेविंग कम होती है।
मिथक या सच्चाई?
दरअसल, रात में चावल खाने से सीधे तौर पर वजन नहीं बढ़ता। वजन तब बढ़ता है, जब कुल कैलोरी सेवन जरूरत से ज्यादा हो जाए या भोजन का संतुलन बिगड़ जाए। अगर चावल को सही मात्रा और सही कॉम्बिनेशन के साथ खाया जाए तो यह न केवल सेहतमंद है, बल्कि नींद और ऊर्जा दोनों के लिए फायदेमंद है।