भोपाल। मध्यप्रदेश के निजी अस्पतालों के डॉक्टरों और अस्पताल संगठनों ने आयुष्मान योजना को लेकर आंदोलन का ऐलान किया है। 8 अक्टूबर से MP के डॉक्टर्स 1000 एम्बुलेंस में सवार होकर दिल्ली कूच करेंगे और NABH अनिवार्यता खत्म करने की भी मांग करेंगे।
मरीजों के इलाज का अनिश्चितकालीन बहिष्कार
इतना ही नहीं डॉक्टर्स ने प्रदेशभर में आयुष्मान योजना के तहत मरीजों के इलाज का अनिश्चितकालीन बहिष्कार करने की भी बात कही है। डॉक्टरों का कहना है कि कई निजी अस्पतालों का आयुष्मान योजना के तहत डेढ़ से दो करोड़ रुपये तक बिल बकाया हैं। इसी वजह से भुगतान में देरी को लेकर अस्पताल संचालकों में नाराजगी है।
1 अप्रैल से लागू होने थे नियम
नए नियमों के तहत आयुष्मान योजना से जुड़े अस्पतालों के लिए NABH प्रमाणपत्र की शर्त लागू की गई है। यह व्यवस्था पहले 1 अप्रैल से लागू होनी थी, लेकिन अस्पतालों को तैयारी का समय देने के लिए इसकी समयसीमा बढ़ाकर 1 अक्टूबर की गई थी।
310 के पास NABH प्रमाणपत्र
आंकड़ों के अनुसार संबंधित चार शहरों में आयुष्मान योजना से 739 अस्पताल जुड़े हैं, जिनमें 310 के पास NABH प्रमाणपत्र है। संगठनों का दावा है कि नियम से बड़ी संख्या में निजी अस्पतालों की संबद्धता प्रभावित हो सकती है।