राजनांदगांव: छत्तीसगढ़ की प्रतिभाशाली वेटलिफ्टर ज्ञानेश्वरी यादव ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं के 53 किलोग्राम वर्ग में सिल्वर मेडल अपने नाम कर लिया। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने भारत की झोली में प्रतियोगिता का पांचवां पदक डालते हुए प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाया। उनकी इस ऐतिहासिक सफलता से पूरे छत्तीसगढ़, खासकर राजनांदगांव में खुशी और उत्साह का माहौल है।
199 किलोग्राम कुल वजन उठाकर हासिल किया दूसरा स्थान
महिलाओं के 53 किलोग्राम वर्ग में हुए कड़े मुकाबले में ज्ञानेश्वरी यादव ने अपने तीसरे प्रयास में स्नैच में 88 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 111 किलोग्राम वजन सफलतापूर्वक उठाया। कुल 199 किलोग्राम वजन उठाकर उन्होंने रजत पदक अपने नाम किया। मुकाबले के दौरान नाइजीरिया की खिलाड़ी ओनोमे ओमोलोला डिडिह के साथ उनकी रोमांचक टक्कर देखने को मिली।
पहले भी कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में दिखा चुकी हैं दम
ज्ञानेश्वरी यादव का यह पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय पदक नहीं है। इससे पहले भी उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का नाम रोशन किया है। एशियन वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2026 में महिलाओं के 53 किलोग्राम वर्ग में कुल 194 किलोग्राम वजन उठाकर कांस्य पदक जीता। इसी प्रतियोगिता की स्नैच स्पर्धा में रजत पदक हासिल किया। खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2021 में छत्तीसगढ़ के लिए स्वर्ण पदक जीतकर नया रिकॉर्ड बनाया। जूनियर वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2022 में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
छत्तीसगढ़ में जश्न का माहौल
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में सिल्वर मेडल जीतने के बाद राजनांदगांव सहित पूरे छत्तीसगढ़ में खुशी की लहर दौड़ गई है। खेल प्रेमियों, खिलाड़ियों और प्रदेशवासियों ने ज्ञानेश्वरी यादव को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। उनकी सफलता प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरी है और इससे छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभाओं को नई पहचान मिली है।