उज्जैन। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को कोठी स्थित कलेक्टर कार्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक कर सिंहस्थ-2028 की तैयारियों का जायजा लिया। करीब दो घंटे चली इस बैठक में मेले से जुड़े विकास कार्यों, सड़क निर्माण और श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाने की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
निर्माण कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सिंहस्थ के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाओं की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि निर्माण कार्यों को समय पर पूरा किया जा सके। उन्होंने आयोजन को ध्यान में रखते हुए सड़क और आवागमन संबंधी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने की जरूरत बताई।
सिंहस्थ से जुड़े निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी
बैठक में मुख्यमंत्री ने सिंहस्थ से जुड़े निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि तैयारियों की प्रगति का आकलन करने के लिए हर महीने समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी, जिससे कार्यों में तेजी लाई जा सके।
दुनिया का सबसे बड़ा मेला होगा सिंहस्थ
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ केवल देश ही नहीं, बल्कि दुनिया का सबसे बड़ा मेला है। इसमें लगभग 30 से 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए तैयारियां की जा रही हैं। सिंहस्थ की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ श्रद्धालुओं के ठहरने और अन्य गतिविधियों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं विकसित की जा रही हैं।
सड़क और आवागमन से जुड़े कार्यों की बारीकी से समीक्षा
उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे स्थायी प्रकृति के निर्माण कार्यों पर भी ध्यान दे रही है, जिनका लाभ सिंहस्थ के बाद भी उज्जैन, संभाग और पूरे प्रदेश को मिलता रहे। सड़क और आवागमन से जुड़े कार्यों की बारीकी से समीक्षा की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
तीन साल में 16 गुना बढ़ा धार्मिक पर्यटन
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में धार्मिक तीर्थ यात्रियों के आवागमन में 16 गुना वृद्धि हुई है। महाकाल लोक के निर्माण के बाद उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने इसे धार्मिक पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें
सीएम ने कहा कि सिंहस्थ की तैयारियों को लेकर समीक्षा का क्रम अब हर महीने जारी रहेगा। प्रशासनिक अधिकारियों को कार्यों की योजना बनाने और निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप काम करने के निर्देश दिए जाएंगे, ताकि समय पर निर्माण कार्य पूरे हों और सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।