रायपुर। छत्तीसगढ़ आज अपना 26वां स्थापना दिवस पूरे उत्साह और गौरव के साथ मना रहा है। राज्योत्सव के इस खास अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। अपने संदेशों में तीनों नेताओं ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, ऐतिहासिक विरासत और प्राकृतिक संपदा की सराहना की। इसके साथ ही प्रदेश को नक्सलवाद से मुक्ति मिलने और विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ने पर भी खुशी जाहिर की।
PM मोदी ने छत्तीसगढ़ की संस्कृति और बदलते स्वरूप को सराहा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य स्थापना दिवस पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए छत्तीसगढ़ की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जनजातीय परंपराएं, प्राकृतिक संसाधन, लोक संस्कृति और पुरातात्विक धरोहरें छत्तीसगढ़ को विशेष पहचान प्रदान करती हैं।
प्रधानमंत्री ने प्रदेश के बदलते हालात पर खुशी जताते हुए कहा कि नक्सलवाद की जड़ें समाप्त होने के साथ छत्तीसगढ़ अब विकास के रास्ते पर पहले से अधिक तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने राज्य की प्रगति और उज्ज्वल भविष्य को लेकर सकारात्मक संदेश दिया।
अमित शाह बोले- विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ की होगी अहम भूमिका
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी राज्योत्सव पर छत्तीसगढ़वासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के दंश से मुक्त होकर प्रदेश अब विकास के नए अध्याय लिख रहा है। छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति और प्राचीन परंपराएं इसकी सबसे बड़ी पहचान हैं।
अमित शाह ने भरोसा जताया कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देगा। उन्होंने मां दंतेश्वरी से प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए राज्य की निरंतर उन्नति की प्रार्थना की।
CM विष्णुदेव साय ने अटल बिहारी वाजपेयी को किया याद
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्योत्सव के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की स्थापना के 26 वर्ष पूरे होना प्रत्येक नागरिक के लिए गर्व और गौरव का विषय है।
इस मौके पर उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को याद किया। सीएम साय ने कहा कि अटल जी के दूरदर्शी नेतृत्व और दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण ही अलग छत्तीसगढ़ राज्य का सपना साकार हो पाया। राज्य गठन ने प्रदेशवासियों की आकांक्षाओं को नई पहचान दी और विकास के अनेक रास्ते खोले।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अटल बिहारी वाजपेयी के समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ के सपने को पूरा करने के लिए लगातार काम कर रही है।
लाल आतंक से मुक्ति के बाद पहला राज्योत्सव, जवानों के बलिदान को किया नमन
मुख्यमंत्री साय ने इस वर्ष के राज्योत्सव को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह पहला ऐसा राज्योत्सव है, जब प्रदेश लाल आतंक से मुक्त होकर शांति, विश्वास और विकास के नए दौर की ओर बढ़ रहा है।
उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प और डबल इंजन सरकार के प्रयासों को दिया। साथ ही उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर जवानों के साहस, शौर्य और बलिदान को नमन किया।
सीएम ने कहा कि प्रदेश इस ऐतिहासिक सफलता में योगदान देने वाले जवानों का हमेशा कृतज्ञ रहेगा।
हर गांव में खुशहाली लाना सरकार का लक्ष्य
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के प्रत्येक गांव तक विकास पहुंचाना है। सरकार चाहती है कि युवाओं को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलें और योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक संसाधन और प्रतिभाशाली जनशक्ति प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत हैं। इन्हीं के आधार पर राज्य विकास की नई ऊंचाइयों को छूने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ बनाने का आह्वान
राज्य स्थापना दिवस को भविष्य के नए संकल्पों का अवसर बताते हुए मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों से विकास की यात्रा में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक छत्तीसगढ़ को समृद्ध, सशक्त और विकसित राज्य बनाने का लक्ष्य सभी को मिलकर पूरा करना है। इसके लिए सरकार के साथ प्रत्येक नागरिक की सहभागिता जरूरी है।
राज्योत्सव के अवसर पर प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और मुख्यमंत्री के संदेशों ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान, नक्सलवाद से मुक्ति और विकास के संकल्प को केंद्र में रखा है।