रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजनीति में हलचल के बीच रायपुर स्थित राजीव भवन में कांग्रेस की राजनीतिक मामलों की समिति (PAC) की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने की।
बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत सहित कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी उपस्थित रहे।
मनरेगा आंदोलन को लेकर बनी कार्ययोजना
बैठक में कांग्रेस ने मनरेगा को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन पर विस्तार से चर्चा की। पार्टी नेताओं ने सरकार की नीतियों को गरीब विरोधी बताते हुए महा आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने पर सहमति जताई।
कांग्रेस का कहना है कि मनरेगा कमजोर किए जाने से ग्रामीण जनता पर सीधा असर पड़ रहा है।
संगठनात्मक मजबूती पर जोर, जिला अध्यक्षों को मिलेगा प्रशिक्षण
सचिन पायलट ने संगठनात्मक मुद्दों पर बोलते हुए कहा कि पार्टी ने छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में नए जिला अध्यक्षों की नियुक्ति कर दी है।
उन्होंने बताया कि कई राज्यों में जिला अध्यक्षों की ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है और अब छत्तीसगढ़ में भी जल्द प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत किया जा सके।
जंबूरी 2026 और हाई कोर्ट याचिका पर सरकार से सवाल
बैठक के दौरान जंबूरी 2026 से जुड़े विवाद और इस मामले में हाई कोर्ट में दायर याचिका को लेकर भी चर्चा हुई। सचिन पायलट ने कहा कि यह मामला किसी व्यक्ति विशेष का नहीं बल्कि जनता के पैसों से जुड़ा हुआ है। उन्होंने सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
बिना टेंडर काम और भ्रष्टाचार के आरोप
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि कई कार्य बिना टेंडर प्रक्रिया के पूरे किए जा रहे हैं। सचिन पायलट ने कहा कि सरकार को अहंकार छोड़कर पारदर्शिता दिखानी चाहिए, क्योंकि प्रशासन की जानकारी में रहते हुए भ्रष्टाचार हो रहा है।