छतरपुर : मध्य प्रदेश के छतरपुर से इस वक़्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां नौगांव क्षेत्र में स्थित घौर्रा सरकार मंदिर का सड़क किनारे बनाया जा रहा तोरण द्वार अचानक भरभराकर गिर गया। जिसकी चपेट में आने की वजह से एक मजबूर की मौत हो गई। जबकि 3 घायल हो गए। जिन्हे कड़ी मशकत के बाद बाहर निकाला गया। इधर, हादसे की सूचना पर एसडीएम सहित प्रशासन के तमाम आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। तो वही छतरपुर कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने तुरंत मुआवजे का ऐलान किया।
घटना शुक्रवार शाम की
घटना शुक्रवार शाम की है। जहां एमपी-यूपी सीमा पर स्थित धौर्रा सरकार मंदिर का तोरण द्वार सड़क किनारे बनाया जा रहा था इस द्वार को करीब आधा दर्जन लोग बनाने में जुटे हुए थे। द्वार का स्लैब चढ़ाया जा रहा था तभी अचानक पूरा द्वार भर भराकर गिर गया। द्वार के मलबा में चार मजदूर दब गए थे, जिनमें करारागंज निवासी राममिलन पुत्र गोरेलाल उम्र 40 साल की मौत हो गई।
कलेक्टर ने मुआवजा राशि की स्वीकृत
तो वही इस हादसे में भानू कुशवाह और धर्मेंद्र अहिरवार बुरी तरह घायल हो गए। जिन्हे नौगांव अस्पताल में भर्ती कराया गया है। तो वही संतु अहिरवार की हालत गंभीर होने पर उसे छतरपुर रिफर किया गया है। निर्माण कार्य को लेकर कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही मृतक के परिजनों को रेड क्रॉस सोसाइटी के माध्यम से 20 हजार ओर घायलों को 5–5 हजार की आर्थिक सहायता राशि देने की घोषणा की।
घटिया सामग्री से किया जा रहा निर्माण
इधर, घटना को लेकर प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि तोरण द्वार का निर्माण घटिया सामग्री और लापरवाही के साथ किया जा रहा था, जिससे यह हादसा हुआ। घटना स्थल पर बड़ी संख्या में लोग जमा हैं। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और दोषियों पर कार्रवाई की बात कही जा रही है।