Datia BJP: दतिया विधानसभा उपचुनाव में पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद उपजे प्रचंड जनआक्रोश और भाजपा संगठन के सामूहिक इस्तीफे के बाद अब पार्टी आलाकमान पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। भोपाल से लेकर दिल्ली तक मचे सियासी घमासान के बीच मध्य प्रदेश सरकार के दिग्गज मंत्रियों और संगठन के बड़े नेताओं ने मोर्चा संभाल लिया है।
डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा और कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दो टूक शब्दों में साफ कर दिया है कि भाजपा में टिकट बदलने की कोई परंपरा नहीं है, यानी घोषित प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ही चुनाव लड़ेंगे। इसके साथ ही नेताओं ने डैमेज कंट्रोल की कवायद भी शुरू कर दी है।
संगठन सर्वोपरि, बैठकर सुलझाएंगे विवाद
दतिया में हुए सामूहिक इस्तीफों और कार्यकर्ताओं के गुस्से पर बेहद नपे-तुले और सख्त अंदाज में बयान जारी करते हुए उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि दतिया विधानसभा के चुनाव को लेकर शीर्ष नेतृत्व ने जो भी निर्णय लिया है, वह भारतीय जनता पार्टी का आधिकारिक निर्णय है। हम सभी कार्यकर्ता उस निर्णय को शिरोधार्य करते हैं। भाजपा में व्यक्ति नहीं, बल्कि संगठन हमारे लिए सर्वोपरि है और सभी निष्ठावान कार्यकर्ता इस फैसले का सम्मान करेंगे। यदि कार्यकर्ताओं का कोई विषय या नाराजगी है, तो उसका निराकरण पार्टी फोरम पर बैठकर आपस में कर लिया जाएगा।
नरोत्तम मिश्रा भी करेंगे काम : विजयवर्गीय
वहीं, इंदौर से लेकर भोपाल तक अपनी चुनावी रणनीतियों के लिए मशहूर कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दतिया संकट पर बड़ा दावा किया है। उन्होंने साफ कहा कि टिकट बदलने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता। विजयवर्गीय ने कहा कि एक बार टिकट घोषित होने के बाद उसे बदलने की परंपरा भारतीय जनता पार्टी में नहीं रही है। आशुतोष तिवारी हमारे संगठन मंत्री रहे हैं और एक बेहतरीन कार्यकर्ता हैं।
जीत की भविष्यवाणी
उन्होंने दावा किया, "कार्यकर्ता अपनी बात रख रहे हैं, हम एक बार उन्हें साथ बैठाकर बात कर लेंगे और सब ठीक हो जाएगा। आशुतोष तिवारी भारी वोटों से चुनाव जीतेंगे, मैं इसकी भविष्यवाणी करता हूँ। हम डंके की चोट पर दतिया जीतेंगे।" पूर्व गृह मंत्री की भूमिका पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि डॉ. नरोत्तम मिश्रा पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और वे खुद भी संगठन के इस फैसले के साथ खड़े होकर चुनाव में काम करेंगे।
क्या थम पाएगी दतिया की बगावत?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि शीर्ष नेतृत्व ने बयान जारी कर यह तो साफ कर दिया है कि आशुतोष तिवारी ही भाजपा के चेहरे होंगे। लेकिन दतिया की सड़कों पर उतरा कार्यकर्ताओं का हुजूम, बंद बाजार और जिलाध्यक्ष समेत पूरे संगठन का सामूहिक इस्तीफा इतनी आसानी से थमता नहीं दिख रहा है। अब देखना यह होगा कि कैलाश विजयवर्गीय और संगठन के रणनीतिकार दतिया पहुँचकर इस सुलगती सियासी आग को कैसे शांत करते हैं।
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