नई दिल्ली। विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पांच राज्यों में अपनी सोशल मीडिया टीमों के गठन का ऐलान किया है। पार्टी की ओर से जारी बताए जा रहे नियुक्ति-पत्र में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर के लिए सोशल मीडिया प्रभारियों और सदस्यों के नाम शामिल हैं। इन नियुक्तियों को पार्टी की संगठनात्मक और डिजिटल रणनीति को मजबूत करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।
29 अक्टूबर 2026 की तारीख वाले पत्र के अनुसार, भाजपा के राष्ट्रीय सोशल मीडिया संयोजक दीपक म्हस्के ने इन नियुक्तियों की घोषणा की है। अलग-अलग राज्यों में टीमों को जिम्मेदारी देकर सोशल मीडिया गतिविधियों के संचालन और आपसी समन्वय पर जोर दिया गया है।
UP में पंकज शुक्ला संभालेंगे सोशल मीडिया की कमान
उत्तर प्रदेश के लिए गुजरात के पंकज शुक्ला को प्रभारी बनाया गया है। उनके साथ छह सदस्यों को टीम में जगह दी गई है। इनमें रोहित उपाध्याय, हिरेंद्र कौशिक, मितुल कोठारी, पुनीत अग्रवाल, मनीष पांडे और कावन मेहता शामिल हैं।
उत्तराखंड में मनन दानी को जिम्मेदारी
उत्तराखंड में सोशल मीडिया टीम का नेतृत्व मनन दानी करेंगे। सोमेश पांडे को टीम का सदस्य नियुक्त किया गया है। दोनों को राज्य में पार्टी की सोशल मीडिया गतिविधियों के प्रबंधन की जिम्मेदारी दी गई है।
पंजाब में चेतन ब्रागटा बने प्रभारी
पंजाब के लिए भाजपा ने चेतन ब्रागटा को सोशल मीडिया प्रभारी नियुक्त किया है। उनके साथ स्वयं बराल और राहुल अवस्थी को सदस्य बनाया गया है। राज्य में पार्टी के डिजिटल प्रचार और संगठनात्मक समन्वय के लिए यह टीम काम करेगी।
गोवा और मणिपुर में किसे मिली जिम्मेदारी?
गोवा में प्रतीक कापरे को सोशल मीडिया प्रभारी बनाया गया है। सुमिरन कोम्माराजू को टीम में सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
मणिपुर में उपमन्यु भट्टाचार्य को प्रभारी नियुक्त किया गया है, जबकि अरिंदम देब को सदस्य की जिम्मेदारी मिली है। इस तरह भाजपा ने पांचों राज्यों के लिए अलग-अलग सोशल मीडिया टीमें घोषित की हैं।
तत्काल प्रभाव से लागू होंगी नियुक्तियां
जारी बताए जा रहे आदेश के मुताबिक, नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी। पत्र की प्रतियां संबंधित राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों, प्रदेश महामंत्रियों (संगठन) और सोशल मीडिया से जुड़े पदाधिकारियों को भेजे जाने की जानकारी दी गई है।
इन नियुक्तियों के जरिए भाजपा ने पांच राज्यों में सोशल मीडिया से जुड़े संगठनात्मक ढांचे को व्यवस्थित करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। हालांकि, आगामी चुनावों में इन टीमों की भूमिका और रणनीति को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।