इंदौर : पीएम मोदी के जन्मदिन का जश्न देशभर में आज धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। जगहे जगहे पर कार्यकर्त्ता तरह तरह के आयोजन कर मोदी के 25 साल के कार्यकाल पूरे होने की खुशी माना रहे है। तो वही दूसरी तरफ भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन अपने तय कार्यक्रम के अनुसार इंदौर पहुंच चुके है। जहां सीएम मोहन ने पुष्प भेट कर उनका स्वागत किया। इस दौरान बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सहित कई नेता मौके पर उपस्थित रहे।
30 हजार हितग्राहियों को मिलेगा लाभ
राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के बाद नितिन नवीन पहली बार मध्य प्रदेश आए है। जहां वो इंदौर-उज्जैन में कई कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इसके साथ ही नितिन नवीन आज स्वामित्व योजना की नई पंजीयन प्रक्रिया का भी शुभारंभ करेंगे। जिससे इंदौर और आसपास के क्षेत्रों के करीब 30 हजार हितग्राहियों को लाभ मिलने का अनुमान है। योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को पंजीयन प्रक्रिया के दौरान स्टांप ड्यूटी और पंजीयन शुल्क से राहत मिलेगी। कार्यक्रम को लेकर प्रशासन और बीजेपी संगठन की ओर से तैयारियां जहां पूरी कर ली गई है। तो वही कार्यक्रम में सीएम मोहन भी मौजूद रहेंगे।
मोदी जी का जन्मदिन और विश्वकर्मा जयंती एक साथ
इधर, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के आगमन और पीएम मोदी के जन्मदिन को लेकर सीएम मोहन ने कहा कि यह सौभाग्य की बात है कि दुनिया के लोकप्रिय नेताओं में शामिल देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन और भगवान विश्वकर्मा जयंती एक साथ मनाई जा रही है , मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री के सुशासन और सेवा संकल्प से जुड़े महाअभियान के तहत प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले 50 लाख से अधिक लोगों के लिए उनके स्वयं के भूखंड की रजिस्ट्री कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है।
लोगों को आगे बढ़ाने का प्रयास जारी
सीएम ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बनने जा रहा है, जहां ग्रामीण क्षेत्र के रहवासियों को उनके भूखंड की रजिस्ट्री निशुल्क उपलब्ध कराने का संकल्प लिया जा रहा है। भगवान विश्वकर्मा के जीवन और उनकी कार्यकुशलता को सामने रखते हुए केंद्र सरकार ने पीएम विश्वकर्मा योजना लागू की है। इस योजना के माध्यम से पारंपरिक कारीगरों और विभिन्न व्यवसायों से जुड़े लोगों को रोजगार और आर्थिक अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब और जरूरतमंद वर्ग के साथ-साथ कलाकारों तथा पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े लोगों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।