पटना: बिहार में शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में बदलाव की तैयारी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार, 12 अगस्त 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में युवाओं और विद्यार्थियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में कुल 10 एजेंडों पर फैसला लिया गया।
सरकार ने आने वाले वर्षों में युवाओं को नई तकनीक और रोजगार की जरूरतों के मुताबिक तैयार करने के साथ-साथ उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता जारी रखने का फैसला किया है। इसके अलावा B.Ed. संस्थानों को बहुविषयक कॉलेजों में बदलने की योजना को भी हरी झंडी दी गई है।
2031 तक जारी रहेगा कुशल युवा कार्यक्रम
कैबिनेट ने ‘सात निश्चय-3’ के तहत चल रहे कुशल युवा कार्यक्रम को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। अब यह कार्यक्रम 2026-27 से 2030-31 तक जारी रहेगा। इसके लिए सरकार ने 430.08 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को ऐसे कौशल से लैस करना है, जिनकी आने वाले समय में नौकरी और कारोबार के क्षेत्र में ज्यादा मांग रहने की संभावना है।
प्रशिक्षण के दायरे में Artificial Intelligence, ड्रोन टेक्नोलॉजी, सोलर, नेटवर्किंग, डिजिटल मार्केटिंग, बैंकिंग, टेली, विदेशी भाषा और उद्यमिता जैसे क्षेत्र शामिल किए गए हैं। सरकार के अनुसार, योजना के तहत हर साल 2.57 लाख से ज्यादा युवाओं को ट्रेनिंग देने का लक्ष्य है। वहीं, इससे सीधे तौर पर 6,436 रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
Student Credit Card Scheme को अगले पांच साल की मंजूरी
बिहार के विद्यार्थियों के लिए भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने और इसे मजबूत करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में योजना के लिए 950 करोड़ रुपये खर्च करने की स्वीकृति दी गई है। इस योजना का मकसद विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि आर्थिक परेशानी पढ़ाई के रास्ते में बाधा न बने। अब तक इस योजना के तहत 4.81 लाख से अधिक आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं। वहीं, 4.15 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों को लगभग 8,865 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी जा चुकी है।
B.Ed. कॉलेजों को लेकर भी बड़ा बदलाव
कैबिनेट बैठक में शिक्षक शिक्षा से जुड़े संस्थानों के लिए भी अहम निर्णय लिया गया। राज्य के करीब 300 से ज्यादा Stand-Alone B.Ed. संस्थानों को बहुविषयक डिग्री कॉलेजों में बदलने और उन्हें शैक्षणिक रूप से मजबूत करने की योजना को मंजूरी दी गई। इस बदलाव के बाद विद्यार्थियों को सिर्फ B.Ed. तक सीमित रहने के बजाय एक ही परिसर में कला, विज्ञान, वाणिज्य समेत अन्य स्नातक और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की पढ़ाई का विकल्प मिल सकेगा। सरकार को उम्मीद है कि इससे उच्च शिक्षा के साथ-साथ स्किल डेवलपमेंट, रिसर्च और रोजगार आधारित शिक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा।
शिक्षा और रोजगार को साथ लेकर चलने की तैयारी
कैबिनेट के फैसलों को देखें तो सरकार का फोकस एक तरफ विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता देने पर है, वहीं दूसरी तरफ युवाओं को नई तकनीक आधारित रोजगार के लिए तैयार करने पर भी जोर दिया गया है। AI, ड्रोन, डिजिटल मार्केटिंग और सोलर जैसे क्षेत्रों को कुशल युवा कार्यक्रम में शामिल करना इसी बदलते रोजगार बाजार के अनुरूप कदम माना जा रहा है।
एक हफ्ते में दूसरी बड़ी कैबिनेट बैठक
बिहार सरकार ने पिछले सप्ताह भी कैबिनेट की बैठक की थी। 5 अगस्त 2026 को हुई बैठक में कुल 17 एजेंडों को मंजूरी मिली थी।
अब 12 अगस्त की बैठक में 10 और प्रस्तावों पर फैसला लिया गया है। लगातार हो रही कैबिनेट बैठकों में शिक्षा, रोजगार और विकास से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी मिलने से आने वाले समय में इन क्षेत्रों में कई नई योजनाओं और बदलावों की उम्मीद है।