भोपाल। राजधानी में रबी सीजन के लिए यूरिया, डीएपी और एनपीके खाद के लिए मारामारी जारी है। जिसका नतीजा यह है कि शुक्रवार को बैरसिया एसडीएम आशुतोष शर्मा ने प्राइवेट कारोबारी को महंगे दामों में खाद बेचते हुए पकड़ा था। जिसके बाद गोदाम सील कर दिया गया।
राजधानी में 22 हजार मीट्रिक टन यूरिया, आठ हजार मीट्रिक टन डीएपी और तीन हजार मीट्रिक टन एनपीके खाद की जरूरत होती है। जिसके तहत 90 फीसदी किसानों ने खाद खरीद ली है।बावजूद इसके खाद की कमी बनी हुई है। राजधानी में रोजाना सहकारी संस्था और प्राइवेट दुकानों से पांच सौ मीट्रिक टन खाद बेची जा रही है।
दरअसल प्राइवेट दुकानदार खाद का स्टॉक बढ़ाकर खाद की कालाबाजारी कर रहे हैं। डिप्टी डायरेक्टर कृषि सुमन लता का कहना है कि जिले के करीब पचास हजार किसानों को बीस हजार मीट्रिक टन यूरिया, छह हजार मीट्रिक टन डीएपी और तीन हजार मीट्रिक टन एनपीके खाद बांटी गई है। इसके साथ सहकारी संस्थाओं, पांच सरकारी काउंटर और प्राइवेट दुकानों पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है। दरअसल, आसपास जिलों के किसान भी खाद लेने यहां आते हैं, जबकि कुछ किसान भी खाद का पर्याप्त स्टॉक रख लेते हैं। बावजूद इसके सभी जगहों पर यूरिया और डीएपी खाद का स्टॉक मौजूद है।